Friday, 01 May 2026
Breaking News
गौड़िया मठ सेक्टर-20 में नरसिंह चतुर्दशी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया रजनीश कालिया श्री शिव मन्दिर सभा, सैक्टर 23-डी के अध्यक्ष बने पंजाबी विकिमीडियंस यूजर ग्रुप ने उर्दू विकीसोर्स शुरू किया : रेख्ता फाउंडेशन और ब्रिटिश लाइब्रेरी के साथ साझेदारी की निराशा के समंदर में तलाशो आस के मोती दिलों में इक नई आशा जगाना भी ज़रूरी है राजपाल सिंह व सुश्री सरगुन अरोड़ा, चंडीगढ़ 8वें सुदामा कप 2026 के 55 प्लसमिक्स्ड डबल्स फाइनल में। डॉ. अजय सूरा हरियाणा राज्य सूचना आयुक्त नियुक्त समाजसेविका उर्मिला मोंगा ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय को भेंट किया अपना घर हैदराबाद, कोलकाता, पंजाब और हरियाणा की अंडर-16 क्रिकेट टीमें सेमीफाइनल में पहुँची 'भारत-विभाजन : एक हकीकत, एक अफसाना था, पुस्तक का विमोचन अक्षय तृतीया पर श्री राम वेद गुरुकुलम में शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ
पंजाब Trending

सीमावर्ती जिले फाजिल्का में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिये संदीप जाखड़ ने उठाया मुद्दा

Read in:Hindi

अबोहर, (दलीप)
विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवा की अध्यक्षता में पंजाब में उद्योगों को मजबूत करने हेतू चंडीगढ़ में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में स्थानीय विधायक संदीप जाखड़ ने फाजिल्का जिले में औद्योगिक विकास की उपेक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। जाखड़ ने कहा कि सरकार द्वारा अबोहर में औद्योगिक फोकल प्वाईंट में मूलभूत सुविधाएं जुटाने के लिये सार्थक प्रयास नहीं किए गए हालांकि कुछ उत्साही नगर निवासियों ने छोटे उद्योग स्थापित किये हैं लेकिन सालभर पूर्व उद्योग मंत्री के आगमन पर समस्याएं उठाये जानेे के बावजूद अभी तक सरकार ने उन मांगों को लागू करने की तरफ जरूरी कदम नहीं उठाये, जिन पर तत्कालीन मंत्री व वरिष्ठ अधिकारियों ने सहमति जता दी थी।
उन्होंने कहा कि अबोहर नरमा, कपास व किन्नू उत्पादन में अग्रणी स्थान रखता है लेकिन उत्पादकों व व्यापारियों के लिये उत्साहवर्धक वातावरण तैयार करने की दिशा में सरकार की ओर से आवश्यक सुविधाएं नहीं जुटाई जा रही। इससे किसानों व व्यापारियों में निराशा की भावना पैदा हो रही है। इसका शीघ्र समाधान होना चाहिये। श्री जाखड़ ने कहा कि इस मीटिंग से प्रतीत होता है कि सरकार उद्योगों को प्रोत्साहित करके व्यापारियों, उत्पादकों व मजदूर वर्ग को आर्थिक व समाजिक रूप से मजबूती प्रदान करने का प्रयास कर रही है। इसके लिये जरूरी है कि धान के उत्पादन में अग्रणी रहे फाजिल्का व जलालाबाद के सीमावर्ती इलाके में राईस शैलरों को और अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जायें। सुविधाओं के अभाव में कई शैलर मालिक निराशा के दौर से गुजर रहे हैं। उसका उत्पादकों व श्रमिकों पर प्रभाव पडना भी स्वाभाविक है। जरूरत इस बात की है कि शैलरों के साथ—साथ कपास जिनिंग व प्रैसिंग फैक्ट्ररीयों को भी बिजली उपलब्ध करवाना यकीनी बनाया जाये और बिजली दर इस प्रकार तय की जाये कि उद्योगपतियों को कारोबार करना बोझ ना लगे।