Saturday, 02 May 2026
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शहर की सड़कें बनाने वाली नगर काउंसिल की अपनी सड़क खस्ता

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जीरकपुर, कृतिका:
शहर के अंदर सड़कों के नेटवर्क को स्थापित करने का जिम्मा संभालने वाली नगर काउंसिल की खुद के दफ्तर को जाने वाली सड़क लंबे समय से खस्ता है। आलम यह है कि करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तबदील हो चुकी है और एकमात्र सरकारी दफ्तर होने के कारण रोजाना हजारों की संख्या में वाहन यहां से गुजरते हैं। जानकारी के मुताबिक अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे से गांव बिशनपुरा स्थित नगर काउंसिल दफ्तर को जाने वाली सड़क लंबे समय से खस्ता है और खस्ताहाल सड़क के चलते गड्ढों में तबदील हो चुकी सड़कों से आवाजाही दौरान वाहन क्षतिग्रस्त होते हैं। वहीं, सबसे ज्यादा बुरी हालत रॉयल एस्टेट गेट से काउंसिल दफ्तर तक हैं, जिसकी वजह से ट्रैफिक रुक-रुक कर चलता है और इसकी वजह से रोजाना यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। जबकि खास बात यह है कि गांव बिशनपुरा में नगर काउंसिल दफ्तर के अलावा डीएसपी ऑफिस, पुलिस थाना और सब-तहसील जैसे सरकारी कार्यालय मौजूद हैं। इस कारण प्रतिदिन हजारों की संख्या में सड़क से आना-जाना होता है।
वीआईपी आए तो पैचवर्क करके चलाते है काम:
जानकारी के मुताबिक आमतौर पर इस सड़क का इस्तेमाल आम लोग की करते हैं। लेकिन जब कभी विभाग के उच्चाधिकारी नगर काउंसिल दफ्तर आने होते हैं तो अधिकारियों द्वारा रातोंरात पैचवर्क करवाकर गड्ढों को भरवा दिया जाता है। दूसरी ओर, उच्चाधिकारियों की गाड़ियां जब कोहिनूर ढाबे से काउंसिल दफ्तर की ओर बढ़ती है तो पैचवर्क के चलते गड्ढों का अहसास नहीं होता। या यूं कहें कि अधिकारियों की लापरवाही का पता नहीं चलता। हालांकि पैचवर्क का काम कुछ दिन तक ठीक रहता है, परन्तु कुछ दिनों के बाद गड्ढे वापस अपनी जगह बना लेते हैं।
नगर काउंसिल दफ्तर को आने वाली सड़क पर बारिश के पानी की निकासी से पहले ड्रेनेज लाइन बिछाई जाएगी। इस वजह से सड़क जल्द खराब होकर खस्ता हो जाती है। इसको लेकर प्रस्ताव विभाग के पास भेजा हुआ है, जिसको मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
– रवनीत सिंह, ईओ, जीरकपुर नगर काउंसिल