Saturday, 08 August 2026
Breaking News
विशेष बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए सेक्टर-10 स्केटिंग रिंक में 'फैमिली फोरम प्रोग्राम' आयोजित हरियाली तीज महोत्सव में झूमीं महिलाएं *प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय  का देशभर में "नशामुक्त संकल्प महाअभियान" शुरु* श्री कृष्ण कृपा परिवार पंचकूला ट्रस्ट 7 से 9 अगस्त तक इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में करवाएगा होगा भव्य दिव्य गीता सत्संग 23 अगस्त से जंतर-मंतर पर आमरण अनशन करेंगे प्रताप सिंह राणा ‘अनशन बाबा’ घायल सफाई कर्मचारियों के घर पहुंचे राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरपर्सन "वोकल फॉर लोकल" से "लोकल टू ग्लोबल" की ओर भारत का बढ़ता कदम, 12 से 15 अगस्त तक भारत मंडपम में होगा भव्य भारत व्यापार महोत्सव : हरीश गर्ग ये भी कोई आतंकी हमले थे? अमृत चीमा ग्लैमरस क्वीन, प्रभदीप कौर सावन क्वीन, अंजू ढींगरा तीज क्वीन व दीप बराड़ ब्यूटीफुल फैशन आइकॉन हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौतम ने पदक विजेता खिलाड़ियों का किया सवागत
पंजाब Trending

रामलीला बनेगी प्रेरणा : इस बार मंच से गूँजेगा संदेश 'पर्यावरण बचाओ'

Read in:Hindi

फेस2न्यूज/ मोहाली

श्रीरामलीला एवं दशहरा कमेटी, मोहाली (फेज-1) इस साल अपने भव्य आयोजन में एक विशेष पहल करने जा रही है। पारंपरिक मंचन और रावण दहन के साथ-साथ इस बार का मुख्य थीम रखा गया है – “पर्यावरण संरक्षण” । हाल ही में कई राज्यों में आई बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रकृति से खिलवाड़ इंसान को भारी पड़ सकता है। ऐसे में रामलीला के मंच से लोगों को पर्यावरण बचाने का संदेश देना समय की ज़रूरत भी है और सामाजिक ज़िम्मेदारी भी।

समिति अध्यक्ष आशु सूद ने बताया कि इस बार मंचन के कई दृश्यों को इस तरह से प्रस्तुत किया जाएगा कि दर्शक उनसे प्रेरित होकर पर्यावरण को बचाने का संकल्प लें। “हम चाहते हैं कि रामायण के आदर्शों के साथ-साथ समाज को यह भी समझाया जाए कि वृक्ष, जल और वायु की रक्षा करना भी उतना ही बड़ा धर्म है।”

समिति के प्रेस सचिव प्रिंस मिश्रा ने बताया कि रामलीला मैदान में हर दिन पर्यावरण जागरूकता से जुड़े संदेश पोस्टर और बैनर के माध्यम से दिखाए जाएंगे। कार्यक्रम स्थल पर ‘ग्रीन ज़ोन’ भी बनाया जाएगा, जहाँ पौधारोपण और स्वच्छता अभियान से जुड़ी जानकारी लोगों को दी जाएगी।

बुज़ुर्ग दर्शक और वरिष्ठ सदस्य बताते हैं कि पहले रामलीला केवल धार्मिक आयोजन मानी जाती थी, लेकिन अब इसे समाज को दिशा देने वाले मंच के रूप में देखा जा रहा है।