आर्थिक आधार पर आरक्षण, दिव्यांगों एवं शहीद परिवारों के लिए विशेष प्रावधान की उठाई माँग
चण्डीगढ़ : सामाजिक कार्यकर्ता प्रताप सिंह राणा ‘अनशन बाबा’ ने घोषणा की है कि यदि सरकार उनकी प्रमुख माँगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो वे 23 अगस्त से जंतर-मंतर, नई दिल्ली में शांतिपूर्ण एवं अनिश्चितकालीन आमरण अनशन प्रारंभ करेंगे।
राणा ने कहा कि उनका आंदोलन किसी भी जाति, धर्म, वर्ग या समुदाय के विरुद्ध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे संविधान, सामाजिक सद्भाव और सभी भारतीयों के समान सम्मान में विश्वास रखते हैं। उनके अनुसार आंदोलन का उद्देश्य समाज में वैमनस्य फैलाना नहीं, बल्कि आरक्षण व्यवस्था पर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से पुनर्विचार की माँग करना है, ताकि सामाजिक न्याय का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँच सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक है। उनका मत है कि आरक्षण का लाभ समाज के आर्थिक रूप से सबसे कमजोर परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुँचना चाहिए। उनका कहना है कि जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति अब सुदृढ़ हो चुकी है, उनके स्थान पर आर्थिक रूप से वंचित परिवारों को प्राथमिकता देने पर विचार किया जाना चाहिए, जिससे सामाजिक न्याय का उद्देश्य अधिक प्रभावी ढंग से पूरा हो सके।
प्रताप सिंह राणा ने कहा कि कुछ लोग उनके आंदोलन को किसी जाति विशेष के विरोध के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि यह पूरी तरह निराधार है। उन्होंने कहा कि उनका किसी भी जाति, धर्म या समुदाय से कोई विरोध नहीं है और वे सभी भारतीयों के लिए समान सम्मान एवं समान अवसर के पक्षधर हैं।
प्रमुख माँगें
* आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति को बनाया जाए, ताकि लाभ वास्तविक आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिले।
* दिव्यांग नागरिकों को उनकी विशेष परिस्थितियों के अनुरूप आरक्षण एवं आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की जाएँ।
* देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के आश्रित परिवारों को सरकारी सेवाओं, शिक्षा एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं में प्राथमिकता दी जाए।राणा ने कहा कि उनका उद्देश्य ऐसा भारत बनाना है जहाँ प्रत्येक नागरिक को उसकी योग्यता, परिश्रम और वास्तविक आवश्यकता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिले तथा सामाजिक न्याय की भावना और अधिक मजबूत हो।
उन्होंने देशवासियों से अपील की कि इस विषय पर शांतिपूर्ण, संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से विचार करें तथा सामाजिक सद्भाव बनाए रखते हुए रचनात्मक संवाद का समर्थन करें।
राणा ने कहा कि यदि संसद के वर्तमान मानसून सत्र में सरकार आरक्षण व्यवस्था में आवश्यक सुधारों से संबंधित विधायी पहल करती है, तो वे अपने प्रस्तावित आंदोलन पर पुनर्विचार करेंगे।
चंडीगढ़
Trending
आर्थिक आधार पर आरक्षण, दिव्यांगों एवं शहीद परिवारों के लिए विशेष प्रावधान की उठाई माँग