Sunday, 11 October 2026
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डेराबस्सी ओवरब्रिज के नीचे ‘अवैध बस्ती’, बाथरूम तक बने, प्रशासन ने मूंदी आंखें

पिंकी सैनी /डेराबस्सी

अंबाला-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित डेराबस्सी ओवरब्रिज के नीचे अवैध कब्जों ने अब ‘पक्की बस्ती’ का रूप ले लिया है। बाहर से आए प्रवासी परिवारों ने पहले ‘थोड़ी देर बैठने’ के नाम पर तिरपाल लगाई, फिर धीरे-धीरे चारपाई, बर्तन और राशन इकट्ठा कर डेरा जमा लिया। अब हालात यह हैं कि पुल के नीचे झोपड़ियां और नहाने के लिए बाथरूम तक बना लिए गए हैं।

ऐसे बढ़ा कब्जा:  स्थानीय दुकानदार बताते हैं कि 5-6 महीने पहले 2-3 परिवार पुल के नीचे सामान बेचने बैठे थे। धूप-बारिश से बचने को कपड़ा बांधा गया। नगर कौंसिल ने अनदेखी की तो इनकी हिम्मत बढ़ती गई। आज पुल के नीचे 8 से ज्यादा झोपड़ियां बन चुकी हैं। बिजली के लिए तारें भी खींच ली गई हैं। बाथरूम का गंदा पानी सीधे NH पर बह रहा है, जिससे बदबू और फिसलन का खतरा बना हुआ है।

ट्रैफिक-सुरक्षा दोनों खतरे में

 *जाम का कारण*: पहले रेहड़ियों से जाम लगता था। नगर कौंसिल ने रेहड़ियां हटवाकर ₹5000 जुर्माना लगाया, लेकिन झोपड़ियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई

 *हादसे का डर*: पिछले हफ्ते पुल के नीचे ट्रक खराब होने से 30 मिनट तक जाम लगा। एंबुलेंस फंसी रही। स्थानीय लोगों का कहना है के कारण फायर ब्रिगेड या बड़ी गाड़ी का निकलना नामुमकिन है।

*महिलाओं में दहशत*: शाम ढलते ही पुल के नीचे अंधेरा और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा हो जाता है। छात्राएं और कामकाजी महिलाएं रास्ता बदलने को मजबूर हैं।

 प्रशासन और नगर कौंसिल बेखबर

डेराबस्सी के लोगों का कहना है, “4 महीने से SDM और EO को शिकायत दे रहे हैं। हर बार ‘फाइल प्रोसेस में है’ कहकर टाल दिया जाता है।

नगर कौंसिल के EO तो बोले, “मामला ध्यान में है। जल्द सर्वे कर नोटिस देंगे।” वहीं ट्रैफिक इंचार्ज सुरिंदर सिंह ने कहा, “कब्जे हटाना हमारा काम नहीं, कौंसिल की जिम्मेदारी है।”

*क्या कहते हैं नियम*

NHAI की गाइडलाइन के अनुसार, किसी भी पुल के नीचे 50 मीटर के दायरे में स्थायी या अस्थायी निर्माण पूरी तरह अवैध है। यह स्ट्रक्चर की मजबूती और सुरक्षा दोनों के लिए खतरा है। नियम तोड़ने पर निर्माण हटाने के साथ जुर्माना और FIR का प्रावधान है। इसके बावजूद डेराबस्सी में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं।

*लोगों की मांग*
SDM, पुलिस और नगर कौंसिल की संयुक्त टीम बनाकर 48 घंटे में सभी झोपड़ियां हटाई जाएं,  दोबारा कब्जा रोकने के लिए पुल के नीचे CCTV, स्ट्रीट लाइट और बैरिकेडिंग की जाए।

डेराबस्सी निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया जाएगा।

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