पूर्व प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री बॉर्डर पर जवानों संग।
फेस2न्यूज/फाजिल्का:
6 सितम्बर 1965 की सांय को पाकिस्तान द्वारा भारत पर हमला करने की दास्तां जब याद आती है तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। समाजसेवक लीलाधर शर्मा ने युद्ध की दास्तां की जानकारी देते हुए बताया कि वो अपने दोस्तों के साथ सुंदर आश्रम की छत पर खेल रहे थे तो सांयकाल एक पाकिस्तानी हवाई जहाज फाजिल्का शहर पर से गुजरा। उसके तुरंत बाद पाकिस्तान बॉर्डर की तरफ से तोपों व टैंकों के गोलों की आवाज सुनाई दी।
लोग अपनी दुकानें बंद कर घरों की तरफ दौड़ पड़े व अपने परिवारों को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाने लगे।
उस समय वाहन कम होते थे इसलिए लोग साईकिलों, घोड़ों, ऊंट-गाड़ियों व ट्रैक्टर-ट्रालियों में बैठकर जाने लगे, कई पैदल भी भाग निकले। फाजिल्का लगभग दो महीने तक खाली रहा, कुछ परिवार ही यहाँ रहे थे।
युद्ध के दौरान उस समय भारत के प्रधान मंत्री रहे लाल बहादुर शास्त्री सेना के जवानों का हौंसला बढ़ाने भारत-पाक सीमा पर आये थे। उन्होंने जवानों की बहादुरी की प्रशंसा भी की, जिन्होंने पाकिस्तानियों को हराया था।
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1965 के भारत-पाक युद्ध की दास्तां, जब फाजिल्का क्षेत्र खाली हो गया था