सात लोगों पर केस दर्ज, 50 प्रतिशत के पार्टनर को अंधेरे में रखकर तैयार किया जमीन का बयाना, बैंक खातों में 2.50 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा
पंचकूला : पंचकूला के एक कारोबारी सेक्टर-21 निवासी अक्षय गर्ग की करोड़ों रुपये की जमीन को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचने की कोशिश करने मामला सामने आया है। करीब 33,950 गज जमीन के इस मामले में 5 करोड़ रुपये का कथित फर्जी एग्रीमेंट टू सेल तैयार करने और कंपनी के 50 प्रतिशत हिस्सेदार को अंधेरे में रखकर जमीन का सौदा करने के आरोप लगे हैं।
मामले की जांच में बैंक खातों के माध्यम से 2.50 करोड़ रुपये के लेनदेन का भी खुलासा हुआ है। पुलिस ने जांच रिपोर्ट के आधार पर 7 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता अक्षय गर्ग निवासी मकान नंबर 343, सेक्टर-21 पंचकूला ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने अशोक मित्तल के साथ मिलकर मैसर्ज ओमकार बिल्डर्स एंड प्रोमटर्स नाम से फर्म बनाई थी। दोनों की फर्म में 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इस फर्म ने वर्ष 2023 से 2025 के बीच गांव सैदपुर, बरवाला रोड, डेराबस्सी में करीब 33,950 गज जमीन खरीदी थी। इस जमीन पर रियल एस्टेट कारोबार और कॉलोनी विकसित करने की योजना थी। शिकायतकर्ता के अनुसार नवंबर 2025 में उसे जानकारी मिली कि मनोज कुमार झा कंपनी की जमीन को बेचने के लिए सौदेबाजी कर रहा है।
जब उसने इस बारे में जानकारी जुटाई तो उसे जमीन का एक एग्रीमेंट टू सेल दिखाया गया। आरोप है कि इस दस्तावेज पर उसके और उसके बेटे यज्ञ गर्ग के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने न तो जमीन बेचने का कोई समझौता किया और न ही किसी को उसकी ओर से ऐसा करने का अधिकार दिया था।
बैंक खातों में करोड़ों का लेनदेन जांच का आधार बना
डीएसपी मोरिंडा की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि 13 मई 2025 को दीपक गुप्ता ने कुलदीप सिंह राणा के बैंक खाते में एक करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। अगले दिन 14 मई को कुलदीप सिंह राणा ने यह रकम ओमकार बिल्डर्स एंड प्रोमटरर्स के खाते में जमा करवाई। आरोप है कि उसी दिन कंपनी के खाते से अशोक मित्तल ने एक करोड़ रुपये अपने व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
शिकायतकर्ता ने इस पूरे लेनदेन की जानकारी होने से इनकार किया। जांच में 20 मई 2025 को 50 लाख रुपये के एक अन्य लेनदेन का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा 10 और 11 जून 2025 को दीपक गुप्ता की ओर से कुलदीप सिंह राणा के खाते में एक करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। जांच रिपोर्ट के अनुसार कुलदीप सिंह राणा ने भी यह रकम अशोक मित्तल के खाते में भेजी। इस तरह तीन चरणों में कुल 2.50 करोड़ रुपये के लेनदेन का रिकार्ड सामने आया।
एक ही एग्रीमेंट, लेकिन बयाना लिखने की जगह को लेकर अलग-अलग बयान
पुलिस जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। अशोक मित्तल ने अपने बयान में जमीन का बयाना अपने घर पर लिखे जाने की बात कही, जबकि कुलदीप सिंह राणा ने बताया कि एग्रीमेंट उसके प्लाट नंबर 492, फेज-9 इंडस्ट्रियल एरिया में लिखा गया था। वहीं, राघव गुप्ता ने भी अपने बयान में जमीन का सौदा करवाने और अपने सामने हस्ताक्षर होने की बात कही।
जांच रिपोर्ट के अनुसार कथित एग्रीमेंट के लिए 13 मई 2025 को खरीदे गए स्टांप पेपर का रिकार्ड भी सामने आया, जिसे अशोक मित्तल ने खरीदा था। जांच अधिकारी ने एग्रीमेंट में दर्शाई गई पांच करोड़ रुपये की रकम और बैंक खातों में मिले 2.50 करोड़ रुपये के लेनदेन के बीच अंतर को भी महत्वपूर्ण माना है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे इस सौदे और लेनदेन की कोई जानकारी नहीं दी गई।
पुलिस ने अशोक मित्तल, अनुभव मित्तल, कुलदीप सिंह राणा, दीपक गुप्ता, राघव गुप्ता, जागरित गुप्ता और मनोज कुमार झा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318(4), 316(2), 338, 336(3), 340(2), 351(3) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच एएसआई अमरजीत सिंह को सौंपी गई है। पुलिस अब कथित फर्जी एग्रीमेंट, बैंक लेनदेन और सभी संबंधित दस्तावेजों की जांच करेगी।