Monday, 17 August 2026
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अयोध्या में लंगर सेवा हेतु पंजाब से निहंग रसूलपुर की अगुवाई में जत्था राशन लेकर हुआ रवाना

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चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
निहंग बाबा हरजीत सिंह रसूलपुर द्वारा अयोध्या में आगामी 22 जनवरी को होने वाले भव्य राम मन्दिर के उद्घाटन मौके वहां पहुंचने वाले दुनियाभर के श्रद्धालुओं के लिए लंगर की सेवा शुरू करने का जो संकल्प लिया गया था, उस लंगर सेवा के लिए उनकी अगुवाई में चंडीगढ़ से राशन व् अन्य साजो सामान के 2 ट्रक रवाना किये गए। यह उल्लेखनीय है कि बाबा हरजीत सिंह रसूलपुर अगुवाई 1885 में बाबरी ढांचे पर कब्जा कर हवन करने वाले निहंग बाबा फ़क़ीर सिंह के आठवें वंशज हैं।
सेक्टर 26 स्थित ग्रेन मार्किट से राशन के 2 ट्रकों का जत्था रवाना करते हुए निहंग बाबा हरजीत सिंह रसूलपुर ने बताया कि ना सिर्फ उनके पूर्वजों की भी भगवान राम के प्रति सच्ची श्रद्धा व आस्था रही है बल्कि उनकी भी उतनी ही है और इसी कारण उन्होंने कहा कि अब जब 22 जनवरी 2024 को श्री राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की जा रही तो वे पीछे कैसे रह सकते हैं इसलिए निहंग सिंहों के साथ अयोध्या में लंगर लगा देश विदेश से आने वाली संगत की सेवा करेंगे। उन्होंने बताया कि आगामी 14 जनवरी माघी के शुभ अवसर पर अयोधया में लंगर सेवा कि शुरुआत कर दी जाएगी, जो कि निरंतर जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि सिखों का लंगर कि सेवा करने का बहुत बड़ा इतिहास है। उन्होंने बताया कि आदि गुरु नानक देव जी ने लगभग 15 वीं शताब्दी में लंगर की शुरुआत की थी। गुरु नानक जहां भी गए, जमीन पर बैठकर ही भोजन करते थे। ऊंच-नीच, जात-पात और अंधविश्वास को समाप्त करने के लिए सभी लोगों के एक साथ बैठकर भोजन करने की परंपरा शुरू की। तीसरे गुरु अमरदास जी ने लंगर की इस परंपरा को आगे बढ़ाया।