Friday, 28 August 2026
Breaking News
विश्व कप हॉकी: भारतीय महिलाओं ने रचा इतिहास विश्व शांति हेतु एक दिवसीय 11 कुंडीय महारूद्र यज्ञ किया  महाराष्ट्र की नेत्रहीन महिलाओं को सम्मानित कर विदा किया जीवन का आनंद दोस्तों के संग अगर महाभारत को सिर्फ पढ़ना नहीं, अनुभव करना चाहते हैं तो ज्योतिसर का महाभारत अनुभव केंद्र जरूर देखें पंजाब मंडी बोर्ड के प्रांगण में मनाया तीज का त्योहार तुलेसी डॉक्टर: एक महान ग्रामीण चिकित्सक की यादें राखी – एक वोटर कार्यकर्ता के नाम  भारत-पाक विभाजन में शहीद हुए परिवारों को श्रद्धासुमन अर्पित किये काज़ीरंगा के इको-सेंसिटिव ज़ोन की सीमा घटाने के प्रस्ताव पर संरक्षण बनाम विकास की बहस
हिमाचल Trending

भांग की खेती शुरु करने को तमाम पहलुओं पर करेंगे विचार: नेगी

Read in:Hindi

देहरादून, फेस2न्यूज:
राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि औद्योगिक और गैर-मादक उपयोग के लिए भांग की खेती शुरु करने को लेकर प्रदेश सरकार सभी पहलुओं पर विचार कर रही है। इस संबंध में गठित प्रदेश सरकार की समिति ने आज राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी के नेतृत्व में देहरादून के शैलाकुई में सगंध पौधा केंद्र का दौरा किया।
इस अवसर पर जगत सिंह नेगी ने कहा कि सगंध पौधा केंद्र में दौरे के दौरान खेती शुरू करने को लेकर विभिन्न पहलुओं पर समिति ने विस्तार से जानकारी हासिल की। इस दौरान मामले से जुड़े विभिन्न विशेषज्ञों से तकनीकी जानकारी भी हासिल की है।
उन्होंने कहा कि भांग की खेती न सिर्फ आजीविका को सुनिश्चित करती है बल्कि उद्योग और औषधीय प्रयोग के लिए भी बड़े स्तर पर उपयोग की जा सकती है।
इस दौरान सगंध पौधा केंद्र के निदेशक नृपेंद्र चौहान ने समिति को वर्चुअल प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न तकनीकी पहलुओं से अवगत करवाया। उन्होंने कहा वर्ष 2022 में औद्योगिक हैम्प का वैश्विक बाजार लगभग 5600 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2027 तक बढ़कर लगभग 15 हजार करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
इससे पूर्व समिति ने केंद्र में अत्याधुनिक पौध नर्सरी, औषधीय पौधों, सुगंधित फूलों की खेती के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इसके उत्पादन का भी अवलोकन किया। समिति के सदस्यों ने पौध केंद्र द्वारा भांग की खेती को वैध करने के लिए तैयार किए गए प्रारूप पर भी विचार-विमर्श किया।
समिति इस दौरान भांग की खेती करने वाले उत्तराखंड के किसानों के अनुभवों के बारे में भी जानकारी प्राप्त करेगी।