Monday, 14 September 2026
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पेंशनभोगी 30 सितम्बर तक प्रस्तुत कर सकते हैं जीवन प्रमाण-पत्र

फेस2न्यूज /शिमला

हिमाचल प्रदेश कोषागार नियमों तथा वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देशों के प्रावधानों के अंतर्गत पेंशनभोगी 30 सितम्बर, 2026 तक जीवन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि पेंशनभोगी अथवा पारिवारिक पेंशनभोगी अपना जीवन प्रमाण पत्र केवल जीवन प्रमाण एप्लिकेशन के माध्यम से ही प्रस्तुत करेंगे। हालांकि, चिकित्सकीय रूप से अयोग्य पेंशनभोगी, जो बायोमेट्रिक सत्यापन करवाने मे असमर्थ हैं, वे संबंधित चिकित्सक द्वारा विधिवत प्रमाणित मैनुअल जीवन प्रमाण पत्र पूर्ववत प्रस्तुत करते रहेंगे।

पेंशनभोगी कॉमन सर्विस सेंटर लोक मित्र केन्द्र, जहां बायोमेट्रिक उपकरण उपलब्ध हों, पर भी जीवन प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, वे जीवन प्रमाण पोर्टल का उपयोग करके अथवा अपने मोबाइल उपकरण पर जीवन प्रमाण एप्लिकेशन के माध्यम से भी जीवन प्रमाण पत्र जनरेट कर सकते हैं।

राज्य सरकार ने भारतीय डाक भुगतान बैंक (आईपीपीबी) को जीवन प्रमाण के माध्यम से पेंशनभोगियों के डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र के सत्यापन एवं निर्गमन हेतु एक अधिकृत अभिकरण के रूप में प्राधिकृत किया है। पेंशनभोगी यह सत्यापन सेवा राज्यभर में स्थित आईपीपीबी की शाखाओं, डाकघरों तथा डोरस्टेप (घर-द्वार) सेवा के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।

आधार आधारित प्रमाणीकरण के परिणामस्वरूप जीवन प्रमाण पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जारी किया गया डिजिटल प्रमाण पत्र वैध प्रमाण पत्र के रूप में स्वीकार किया जाएगा। जीवन प्रमाण के माध्यम से किया गया बायोमेट्रिक सत्यापन एक वर्ष तक वैध रहेगा।