Sunday, 20 September 2026
Breaking News
उत्तम शौच धर्म की आराधना के साथ श्रद्धालुओं ने मनाया पुष्पदंत भगवान का निर्वाण दिवस श्री चैतन्य गौड़ीय मठ में धूमधाम से मनाई गई राधाष्टमी, राधा रानी का पंचामृत से महाभिषेक किया गया नशे के अड्डे कालोनियों के साथ-साथ शहर के पॉश इलाकों में भी हैं : तरसेम मित्तल जब सरकार गैंगस्टरों को जेलों से लाकर हलका इंचार्ज बनाएगी, तो नशा माफिया का बेलगाम होना तय है : सुनील जाखड़ उत्तम आर्जव धर्म की आराधना के साथ श्रद्धालुओं ने की आत्मशुद्धि एवं आत्मकल्याण की भावना बाबा रामदेव भादवा नवमी पर राम दरबार में होगा विशाल जम्मा जागरण व भंडारा माँ जानकी सेवा समिति चंडीगढ़ ट्राइसिटी द्वारा आयोजित श्री विश्वकर्मा पूजा एवं भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का हुआ भव्य समापन नई दिल्ली में ब्रिक्स का संदेश: भारत की वैश्विक भूमिका के लिए बढ़े अवसर बरनाला सीमा में बिछी हुई थिंक गैस पाइपलाइन लीक सेवा संकल्प अभियान का नशा मुक्ति हरियाणा-नमो मैराथन के आयोजन से हुआ आगाज
पंजाब Trending

महार्षि वाल्मीकि जी के नाम पर अयोध्या का इंटरनैशनल एयरपोर्ट

Read in:Hindi

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
नव वर्ष के 22 जनवरी को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्म स्थली अयोध्या जी में जहां भव्य मंदिर का शुभारंभ हो रहा है वहीं आज केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा अयोध्या के इंटरनैशनल एयरपोर्ट का नाम महार्षि वाल्मीकि जी के नाम पर रखने का लिया गया फैसला बेहद सुखद व शानदार संदेश देने वाला साबित होगा।
पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि देशभर में फैले सनातन समाज के मित्रों से इस फैसले को लेकर बड़ी उत्साहवर्धक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। रामायण हमारे लिए पूज्यतम व मार्गदर्शक ग्रंथ है। इसी ग्रंथ के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के बारे में सारी जानकारी मिलती है सो इस महान ग्रंथ के रचियता को इस सारे प्रकरण में पूणर्यता सम्मान दिया ही जाना चाहिए था इसके साथ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के मंदिर व उस नगरी से महार्षि वाल्मीकि जी का नाम का संबंध सारे देश को मर्यादा व प्रेम का एक स्नेहिल संदेश है।
उन्होंने कहा कि महार्षि वाल्मीकि स्वर और शब्द के निर्माता थे। उनके चित्र में उनके एक हाथ में ग्रंथ व दूसरे हाथ में वीणा दिखाई देती है। सोचने वाली बात है कि यदि शब्द की रचना न हुई होती तो दुनिया निरक्षर होती। यदि स्वर न होते तो जीवन कितना फीका व रसहीन होता। उन महान महार्षि के प्रति इस प्रकार आदर दिया जाना देशभर में उनके संदेश पहुंचाने में अपनी महती भूमिका निभाएगा।