केन्द्र के खिलाफ सड़के और रेल मार्ग रोककर धरने प्रदर्शन कर रहे लोगों में ज्यादातर माओवादी, केन्द्र विरोधी, मोदी विरोधी, भाजपा विरोधी लोगः हरजीत ग्रेवाल
अखिलेश बंसल, बरनाला।
देश में 40 करोड़ लोग हैं जो मिनियोर्टी के अधीन हैं। उसमें मुस्लिम, ईसाई, सिक्ख, जैन, पारसी, क्रिस्चियन, बौध, भी हैं। उनकी जो भी समस्याएं होंगी उनका समाधान मौके पर किया जाता है। मोदी जी ने जो मुझे जिम्मेदारी दी है, तनदेही से निभाने का वादा करता हूं। यह बात भारत के नवनियुक्त राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन हरजीत सिंह ग्रेवाल ने कही। इस मौके पर उनके साथ जिला भाजपा के पूर्व अध्यक्ष यादविंदर शंटी, एडवोकेट विशाल, सैनिक विंग की ओर से गुरजिंदर सिंह तथा कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
स्वतंत्रता सेनानी को सम्मान दिलाने भटक रही पौत्री को मिलेगा इंसाफः
पंजाब में अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े लोगों को इंसाफ नहीं मिलने के सवाल पर ग्रोवाल ने कहा कि जिस बरनाला जिला से संबंधित एक महिला अपने स्वतंत्रता सेनानी रहे दादाश्री स्वर्गीय ईशर सिंह को ताम्रपत्र नहीं दे जाने के लिए दर–दर भटक रही है, मामला उनके ध्यान में नहीं है। पीड़ित परिवार हमारे कार्यालय आकर संपर्क करेगा तो उन्हें जरूर सम्मान हासिल होगा। देश की आजादी से लेकर आज तक उन्हें यह सम्मान क्यूं नहीं दिया गया, शिकायत के आधार पर जांच भी करवाई जाएगी।
किसानों के वेश में माओवादी दे रहे हैं धरनेः
लंबे समय से केन्द्र के खिलाफ धरने प्रदर्शन कर रहे पंजाब के किसानों के मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में ग्रेवाल ने कहा कि वह स्वयं भी किसानी से जुड़े हुए हैं। जो लोग केन्द्र के खिलाफ सड़के और रेल मार्ग रोककर धरने प्रदर्शन कर रहे हैं उनमें किसान नामात्र हैं, ज्यादातर माओवादी, केन्द्र विरोधी, मोदी विरोधी, भाजपा विरोधी लोग हैं जिन्हें विपक्ष हर तरह की रसद पहुंचा रहा है और यही वर्ग हैं जो देश का माहौल खराब करने के प्रयासरत हैं।
बंदी सिंहों की संख्या नामात्रः
बंदी सिक्खों के मामले पर ज्यादा कमेंट करने से इन्कार करते ग्रेवाल ने कहा कि जितने बंदी सिंहों का प्रचार हो रहा है वह गलत है मात्र तीन-चार ही बंदी सिंह हैं। राजोआना का नाम लेते ग्रेवाल ने कहा कि वह अपनी फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कराना चाहता है, यह अधिकार देश के संविधान के अनुसार केवल माननीय राष्ट्रपति जी के पास है, जिसकी शिफारिश राज्य सरकार ने करनी होती है। उन्होंने मीडिया से ही सवाल किया कि जनता ही बताए कि जो व्यक्ति क्राईम चुका हो और रिहा होने के बाद भी क्राईम करने की मंशा रखता हो तो उसे छोड़ देना चाहिए या कटघरे में ही रखना चाहिए। सवाल के जवाब में ग्रेवाल ने कहा कि भारत में नाइंसाफी नहीं, नाइंसाफी तो पाकिस्तान में है, जहां हिंदुओं की आबादी 25 से 1.2 प्रतिशत रह गई है। वहां हिन्दुओं की ही नहीं सिख्खों की बहू-बेटियों पर भी अत्याचार हो रहा है। हमारे धार्मिक स्थानों को भी बर्बाद करके धार्मिक आस्था को घायल किया है।
पार्टी के जिला कार्यालय की जगह ग्रेवाल पहुंचे पूर्व जिला प्रधान के आफिस
भारत के नवनियुक्त राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन हरजीत सिंह ग्रेवाल सोमवार को बरनाला पहुंचे। जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला प्रधान के निजी आफिस में प्रेस वार्ता की। उसी मौके पर मीडिया कर्मियों द्वारा उनकी विजिट के प्रोटोकॉल पर प्रश्न लगाया गया। पूछा गया कि बरनाला जिला में भारतीय जनता पार्टी द्वारा नए जिला प्रधान नरिंदर कुमार गर्ग उर्फ नीटा गर्ग हैं। इसके अलावा जिले भर में कई मंडल प्रधान भी और खास करके बरनाला-हंडियाया मार्ग पर भाजपा का जिला कार्यालय भी बना है। वहां नहीं आकर भाजपा के पूर्व जिला प्रधान के निजी कार्यालय पहुंचना कहां तक जायज है। जवाब में हरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि यहां सभी कार्यकर्ता भाजपा के ही बैठें हैं और भाजपा का कार्यालय भी यही है।
जिला प्रधान को नहीं मिली सूचनाः
भाजपा के मौजूदा जिला प्रधान नरिंदर कुमार गर्ग उर्फ नीटा गर्ग का कहना है कि उन्हें भारत के नवनियुक्त राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन हरजीत सिंह ग्रेवाल का बरनाला विजिट करने और प्रेस वार्ता करने तक की कोई सूचना प्राप्त नहीं है। उनके आने के बारे में पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को अग्रिम तौर पर सूचित क्यूं नहीं किया गया, इसके बारे में वह पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष से बात जरूर करेंगे।
पंजाब
Trending
अल्पसंख्यक वर्ग को इंसाफ दिलाने केन्द्र सरकार पूरी तरह से प्रयासरतः चेयरमैन