Saturday, 12 September 2026
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जीसीसीबीए-50 में सार्वभौमिक मानवीय मूल्य: व्यावसायिक नैतिकता की ओर एक यात्रा” कार्यशाला का समापन सत्र आयोजित

दीपक सिंह/ चंडीगढ़

सरकारी वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन महाविद्यालय (जीसीसीबीए), सेक्टर 50, चंडीगढ़ में डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल (डीसीडीसी), पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ द्वारा प्रायोजित “सार्वभौमिक मानवीय मूल्य: व्यावसायिक नैतिकता की ओर एक यात्रा” विषय पर दो-दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं गणमान्य व्यक्तियों के आगमन से हुई, जिसके पश्चात उनका पुष्प एवं औपचारिक स्वागत किया गया। प्रो. यजवेंद्र पाल वर्मा, रजिस्ट्रार (परीक्षाएं), पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई।

डॉ. संगम कपूर, प्राचार्या, जीसीसीबीए-50, प्रो. पूनम अग्रवाल, डीन, जीसीसीबीए-50, डॉ. अमरप्रीत एस. सिझर, उप-प्राचार्य, तथा अन्य सभी स्टाफ सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने जिम्मेदार पेशेवरों एवं सामाजिक रूप से जागरूक नागरिकों के निर्माण में सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों तथा व्यावसायिक नैतिकता के महत्व पर बल दिया।

दूसरे दिन की शुरुआत सुबह 9:30 बजे पहले दिन की रिपोर्ट प्रस्तुति के साथ हुई, जिसमें पहले दिन की प्रमुख चर्चाओं और सीखने के परिणामों का सिंहावलोकन प्रस्तुत किया गया। शैक्षणिक सत्रों की श्रृंखला में तकनीकी सत्र IV: “शिक्षकों की नैतिक मूल्य शिक्षा: विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण” डॉ. सुधीर बावेजा द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस सत्र में जिम्मेदार, नैतिक एवं मूल्य-उन्मुख विद्यार्थियों के पोषण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। इसमें इस बात पर बल दिया गया कि शिक्षक आदर्श मॉडल के रूप में कार्य करते हैं तथा युवा शिक्षार्थियों में सत्यनिष्ठा, सहानुभूति, अनुशासन एवं सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

चाय के अवकाश के पश्चात तकनीकी सत्र V: “मीडिया साक्षरता एवं नैतिकता की भूमिका” का आयोजन डॉ. अर्चना आर. सिंह द्वारा किया गया। इस सत्र में डिजिटल युग में मीडिया साक्षरता के बढ़ते महत्व को संबोधित किया गया तथा प्रतिभागियों को सूचना का समालोचनात्मक मूल्यांकन करने, गलत सूचना की पहचान करने एवं जिम्मेदार डिजिटल संचार का अभ्यास करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। मीडिया के उपयोग के नैतिक आयामों तथा सूचित निर्णय-प्रक्रिया के महत्व पर भी चर्चा की गई।

कार्यशाला में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का समापन रजिस्ट्रार डॉ. वी. मगेश एवं महासचिव डॉ. प्रीति शारदा द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसके पश्चात राष्ट्रगान एवं भोजन का आयोजन किया गया।