Thursday, 02 July 2026
Breaking News
स्वर्गीय ओम प्रकाश गोयल मेमोरियल सीनियर महिला डे/नाइट ट्वेंटी-20 कैश प्राइज़ क्रिकेट टूर्नामेंट का पहला संस्करण अब 8 जुलाई से वीर सैनिकों को समर्पित एक ही दिन में बने 21 गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स हिमाचल प्रदेश के आठ पारंपरिक उत्पादों को मिला जीआई टैग भाभी व उसके मायके परिवार के जुल्मों से तंग आकर देवर ने किया सुसाइड  दुर्गा वाहिनी मातृशक्ति के प्रांतीय वर्ग में 2 सौ से ज्यादा युवतियों ने लिया शौर्य प्रशिक्षण  गांधी स्मारक भवन प्रबंधन पर कोर्स पूरा होने से पहले 10 हजार अतिरिक्त फीस मांगने का आरोप धर्म में भाव और विवेक सर्वोपरि - क्षुल्लक प्रज्ञांश सागर  करनाल नरवाल क्रिकेट अकादमी, हरियाणा और इंडस वैली क्रिकेट अकादमी, डेराबस्सी की टीमें फाइनल में डिफरेंटली डिफरेंट–पंचम : द लीजेंड में पंचम दा को संगीतमय श्रद्धांजलि श्री अमरनाथ धाम यात्राः शिव सेवा संघ द्वारा लंगर प्रबंधन के लिए राशन से भरे ट्रक रवाना
राष्ट्रीय Trending

वीर सैनिकों को समर्पित एक ही दिन में बने 21 गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स

फेस2न्यूज/चण्डीगढ़ :

ऐसे वक्त में जब पश्चिमी देशों, अमेरिका व चीन आदि देशों में योग की विरासत पर पेटेंट लेने और रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करने की होड़ मची है, हिमालयन सिद्ध अक्षर के मार्गदर्शन में अक्षर योग केंद्र बेगलुरु ने एक ही दिन में 21 गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बनाकर विश्व योग इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। यह उपलब्धि केवल एक संस्था की सफलता नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन योग परंपरा, अनुशासन, समर्पण और सामूहिक चेतना का वैश्विक प्रदर्शन है। 21 नए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के साथ अक्षर योग केंद्र अब योग के क्षेत्र में कुल 42 गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का गौरव प्राप्त कर चुका है। ये 21 विश्व रिकॉर्डस राष्ट्र के वीर सैनिकों को समर्पित किए गए।

चंडीगढ़ में अक्षर योग केंद्र के प्रतिनिधि के अनुसार गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड की आधिकारिक टीम पूरे दिन प्रत्येक प्रयास की निगरानी, सत्यापन और मूल्यांकन के लिए उपस्थित रही। सभी निर्धारित मानकों का पालन करते हुए 21 रिकॉर्ड सफलतापूर्वक घोषित किए गए।

इस स्पर्धा के दौरान गोमुखासन, पार्श्वकोणासन, पादहस्तासन जानु शीर्षासन, प्रसारित पादोत्तानासन, परिवृत्त त्रिकोणासन, क्रौंचासन, मत्स्यासन, भूनमनासन, उपविष्ट कोणासन, अर्ध चन्द्रासन, उत्थित बद्ध एकपादासन, परिवृत्त पार्श्वकोणासन, कूर्मासन ,सूर्ययंत्रासन, सुप्त वज्रासन , द्वि पाद विपरीत दण्डासन, बाल-पार्श्व भुज दण्डासन, काकासन, भुजपीड़ासन, वैश्विक ऑनलाइन त्राटक ध्यान में गिनीज बुक रिकॉर्डस बनाये गए।

इस ऐतिहासिक अभियान में भारत सहित 80 से अधिक देशों के योग साधकों ने सहभागिता की। भारत के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, ताइवान, जापान, कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, इंडोनेशिया, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात सहित अनेक देशों के प्रतिभागियों ने इस वैश्विक योग अभियान को सफल बनाया।

हजारों प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासनों के माध्यम से विश्व रिकॉर्ड निर्माण में योगदान दिया। ऑफलाइन योगासन रिकॉर्ड्स के साथ-साथ ऑनलाइन आयोजित त्राटक ध्यान अभियान में भी विश्वभर से हजारों लोगों ने भाग लिया। एक ही दिन में 21 गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स स्थापित करने के लिए महीनों तक योजनाबद्ध प्रशिक्षण, अनुशासित अभ्यास और सैकड़ों मास्टर्स, स्वयंसेवकों, निर्णायकों, गवाहों तथा आयोजन टीमों ने अथक परिश्रम किया।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर देशभर के अनेक प्रतिष्ठित नेताओं एवं विशिष्ट व्यक्तित्वों ने अक्षर योग केंद्र और हिमालयन सिद्धा अक्षर को शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित की। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव ने अक्षर योग केंद्रा एवं हिमालयन सिद्धा अक्षर के प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की।

उन्होंने कहा कि यह पहल भारत की प्राचीन योग परंपरा को विश्वभर में नई पहचान प्रदान कर रही है। समाज को स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली की प्रेरणा दे रही है। इसके अतिरिक्त प्रसिद्ध अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी, अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह, कर्नाटक के राज्यपाल, जनप्रतिनिधियों तथा अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।