ENGLISH HINDI Saturday, March 29, 2025
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
तथास्तु चैरिटेबल पब्लिक स्कूल में सालाना वार्षिक परिणाम घोषित गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के नौकरी मेले में 50 बच्चों का चयन एमसीए बेस्ट क्रिकेट टीम, चंडीगढ़ ने अपना लीग मैच जीतानियमों को ताक पर रख कर दिया था बिहार हेल्थ सोसाइटी ने वर्क ऑर्डर, पटना हाई कोर्ट ने एग्रीमेंट किया रद्दनपुंसकता एवं बाँझपन का सबसे बड़ा कारण बनी आधुनिक जीवनशैली : डा. ऋषिकेश पाईवॉर ऑन ड्रग्स: नशे के खिलाफ अभियान में समाज का अहम योगदान: डीआईजीआश्चर्यजनक किन्तु सत्य : दो साल से फुटपाथ पर गिरी हुई होने के बावजूद ट्रैफिक लाइट निभा रही है अपना फर्ज !चंडीगढ़-मोहाली में निकली श्री साईं पालकी शोभायात्रा, 59 भक्तों के घर पहुंचे साईं बाबा, 160 घरों में गई बाबा की धूनी
कविताएँ

स्वप्न यात्रा

August 11, 2017 03:13 PM

— शिखा शर्मा

कल्पना से जब परे हो जाते हैं
तब स्वप्न और भी सुनहरे हो जाते हैं
नींद में आँखें मीचते, मुस्कुराते
दूर कहीं झरने में नहाते
कभी टिम-टिम तारों से बतियाते
कभी चांद की यात्रा पर निकल जाते
चलते हैं कभी आसमानों पर
पंख लगाकर बैठ जाते हैं कभी धरा पर
अचेत मुद्रा में पड़ी है काया
लेकिन
ब्रह्मांड घूम कर आते हैं
स्वप्न ऐसी अद्भुत दुनिया में ले जाते हैं
काली रात में दिन का उजाला दिखता है
चांद सूरज से भी उज्जवल हो जाता है
एक दृश्य में हंसते
दूसरे में रोने का मन हो आता है
नैन भी नीर बहाने लग जाते हैं
सिसक जाते हैं तब होंठ चेतन में
तो कभी
नींद तोड़कर बैठ जाते हैं
स्वप्न हमें सपनों में भी डराते हैं
देखते हैं कभी स्वयं को बादशाह
छप्पन कोटि के भोग लगाते हैं
कभी फ़कीर बन कर
झोली फैलाने लग जाते हैं
कल्पना से जब परे हो जाते हैं
तब स्वप्न और भी सुनहरे हो जाते हैं

 
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें