Monday, 02 November 2026
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बरनाला के बहुचर्चित सन्नी हत्याकांड में आरोपित हुए बा-इज्जत बरी

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अखिलेश बंसल, बरनाला  

05-12-2020 की रात स्थानीय सेखा रोड बरनाला निवासी सन्नी कुमार उर्फ गोरा पुत्र अनिल कुमार की हत्या कर शव को टुकड़े-टुकड़े करने और शव को आस्था के पास नाले में फेंकने के मामले में आरोपित रजनीश कुमार उर्फ मक्खन पुत्र बिक्रम शाह, रवि पांडे पुत्र विनोद पांडे, हरदीप कुमार उर्फ भीमा पुत्र राम नाथ, राम प्रताप उर्फ राम प्रकाश पुत्र शिव दास, कुन्दन प्रशाद पुत्र तेरस प्रशाद गुप्ता निवासी प्रेम नगर बरनाला को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री देविंदर कुमार गुप्ता की माननीय न्यायालय ने बा-इज्जत बरी करने का आदेश सुनाया है। 

यह बताया मामलाः

एडवोकेट धीरज कुमार गोयल ने दी है, उन्होंने बताया कि आदेश कुमार पुत्र अनिल कुमार निवासी सेखा रोड बरनाला द्वारा रजनीश कुमार उर्फ मक्खन, रवि पांडे, हरदीप कुमार उर्फ भीम, राम प्रताप उर्फ राम प्रकाश तथा कुन्दन प्रशाद के विरुद्ध आरोप लगाया था कि 05-12-2020 की रात के समय उक्त व्यक्तियों ने सन्नी कुमार उर्फ गोरा के साथ बैठकर शराब पी और जब वह नशे में धुत हो गया तो किरपान से उसकी हत्या कर दी और उसके शव के टुकड़े-टुकड़े कर बरनाला स्थित आस्था कॉलोनी के पास से गुजरते नाले में फेंक दिये।

आदेश कुमार के बयान पर पुलिस ने 10-12-2020 को प्राथ्मिक एफआईआर नंबर 482 जेरे धारा 302/201/120-बी/506 आईपीसी के तहत रजनीश कुमार उर्फ मक्खन, रवि पांडे, हरदीप कुमार उर्फ भीम, राम प्रताप उर्फ राम प्रकाश और कुंदन प्रशाद के खिलाफ दर्ज की। 

मिले शव से चिन्ह मेल नहीं होने पर आरोपित हुए बरीः-

घटना के कुछ दिनों बाद एक गटर से शव मिलने पर भले ही सन्नी के परिजनों ने आरोपितों में उक्त लोगों के नाम शामिल कर दे थे, जिनके आधार पर आरोपितों को हवालात की हवा खानी पड़ी। लेकिन रिकार्ड के अनुसार शव की पूरी तरह से शिनाखत ही नहीं हो सकी। क्योंकि शव को बड़े पैमाने पर कीड़ों द्वारा खाया हुआ था।

इधर कत्लारोपित रजनीश कुमार, हरदीप कुमार और राम प्रताप उर्फ राम प्रकाश के वकील धीरज कुमार, कत्लारोपित रवि पांडे के वकील जगजीत सिंह और आरोपी कुंदन प्रसाद के वकील नरेंद्रपाल सिंह ने माननीय अदालत को दलीलें दी कि सन्नी कुमार उर्फ गोरा के पिता और भाई ने पुलिस को बताया था कि सन्नी 04-12-2020 को लापता हो गया था, लेकिन परिवार ने 10-12-2020 तक किसी भी पुलिस स्टेशन में कोई गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक शव के पेट में अधपचा खाना मौजूद था, अगर किसी भी व्यक्ति की मौत खाना खाते समय हुई होती तो पेट में अधपचा खाना जरूर मौजूद होता। वकीलों ने अदालत को बताया कि सन्नी कुमार को किसी भी व्यक्ति ने आखिरी बार कहीं देखा भी नहीं था। जिसको लेकर माननीय न्यायालय ने वकीलों की दलीलों से सहमति होते हुए कत्लारोपितों को बरी करने का आदेश सुनाया। 

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