चण्डीगढ़ :
जिला फाजिल्का के बलुआना हल्के में एक जमींदार परिवार ने आप विधायक अमनदीप सिंह गोल्डी मुसाफ़िर पर आरोप लगाया है कि उनके चहेतों ने उनकी करोड़ों रुपए की गेंहूं, धान और किन्नू की फसलें लूट लीं। पीड़ित परिवार की सदस्य कांता ज्याणी ने यह आरोप सोमवार चण्डीगढ़ प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता आयोजित करके ये आरोप लगाए।
बलुआना हल्के में पड़ते गांव कुलार की निवासी कांता ज्यानी ने बताया कि पिछले वर्ष 25 अप्रैल की शाम को मिंकू कुंडल, दर्शन सोहल व सुनील डंगरखेड़ा आदि उनके खेतों में आए और हथियार दिखाकर उनके मजदूरों को धमकाया तो मौके पर कांता ज्याणी मौके पर पहुंची और पुलिस बुलाई। परन्तु कांता ज्यानी को तब ताजुब्ब हुआ जब संबंधित थाने के प्रभारी देवेंद्र सिंह ने उल्टा उनको ही थाने बुला कर उनपर ही मारपीट करने एवं रास्ता रोकने का पर्चा दे दिया व हिरासत में ले लिया। इस पर उन्होंने अपने वकील से संपर्क करने की बात कह कर थोड़ा समय देने का अनुरोध किया।
हिरासत से बाहर आते ही वे जमानत लेने की जुगत में लग गए। परन्तु इस बीच ही में उनकी ग़ैरमौजूदगी का फायदा उठाते हुए गोल्डी के समर्थकों ने उनकी लगभग 15 लाख रूपए की फसल हड़प ली। मजदूरों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उनकी पिटाई कर दी गई। इस पर जब पीड़ित परिवार ने इस धक्केशाही के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कोशिश की तो ये भी नहीं होने दिया गया। पिछले वर्ष 5 नवंबर को को भी 20 लाख रुपए कीमत के धान की फसल भी लूट ली।
इसी तरह किन्नू 20 लाख रुपए की फसल भी ले ली। इस साल फिर से कनक की फसल पकने पर फिर से लगभग 20 लाख रुपए कीमत की फसल से ज्यानी परिवार को हाथ धोना पड़ा।
इसी बीच विधायक अमनदीप सिंह गोल्डी मुसाफ़िर ने इस पूरे मामले में अपना पक्ष रखते हुए बताया कि जिस ज़मीन की फसल समेटने के आरोप लगाए जा रहे हैं असल में शिकायतकर्ता की बेटी राशी ज्याणी ने वह ज़मीन पहले ही बेच दी थी। उन्होंने कहा कि ये सब आरोप सियासी बदलाखोरी के तहत लगाए गए हैं। वे अब इन पर सियासी स्टेप ज़रूर उठाएंगे।
हाईकोर्ट का स्टे होने के बाद भी प्रशासन ने एक न सुनी
हैरानी वाली बात यह रही कि ज्यानी परिवार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से अपनी जमीन पर ट्रेस पासिंग के खिलाफ स्टे भी हासिल कर लिया हुआ था, परन्तु स्थानीय प्रशासन व पुलिस ने उनकी एक न सुनी व कोर्ट के आदेशों तक को भी धत्ता बता दिया। यहां तक कि उनके खेतों में पानी की सप्लाई भी बाधित कर दी जिससे लगभग सवा करोड़ रुपए की फसल भी बर्बाद हो गई। साथ ही वे लोग उनके खेतों से खेतीबाड़ी में काम आने वाली कई कीमती मशीनें भी उठा ले गए। इसके अलावा हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए थे कि ज्याणी परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए, परन्तु किसी ने नहीं सुनीं।
कांता ज्यानी ने बताया कि उनके पक्ष में गांव की पंचायत भी हुई थी, परंतु विधायक के 25-30 समथर्क वहां आ धमके और सरेआम कई राउंड फायरिंग की जिससे सभी सहम गए। इस गोलीबारी में दो लोग घायल भी हुए। उन्हें इलाज़ के लिए अस्पताल ले जाया गया, परन्तु वहां भी पुलिस ने कोई रिपोर्ट दर्ज़ नहीं की। इसके अलावा वे पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी से भी फरवरी महीने में चण्डीगढ़ में मिले थे, परन्तु कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने मीडिया के माध्यम से पंजाब के मुख्यमंत्री, आप के प्रदेशाध्यक्ष और पार्टी के सुप्रीमो को अपील की कि उन्हें न्याय दिलवाएं।
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