Sunday, 28 June 2026
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डेराबस्सी: शहर में सैकड़ों पीजी उड़ा रहे हैं नियमों की धज्जियां

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डेराबस्सी, पिंकी सैनी:
डेराबस्सी नगर परिषद की सीमा में खुले सैकड़ों पीजी शहर में आए दिन चोरी, डकैती व लूटपाट की घटनाओं में अहम भूमिका निभा रहे हैं। क्योंकि शहर में हजारों लोगों ने बिना किसी पुलिस वेरिफिकेशन के शहर में ऐसी जगहें खोल दी है, अज्ञात युवा लड़के और लड़कियां अपनी पहचान छिपा रहे हैं, लेकिन डेराबस्सी शहर और उसके आसपास संचालित गेस्ट मालिकों के खिलाफ नगर परिषद और कार्रवाई के बाद से पुलिस प्रशासन खामोश है। जीरकपुर शहर में हो रही गैंगवार और रंगदारी की घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस किसी अप्रिय घटना की आशंका जता रही है।
गौरतलब है कि डेराबस्सी शहर में सुखमनी कॉलेज, डेटल कॉलेज, कॉलेज रोड, बरवाला रोड, तहसील रोड, गुलाबगढ़ रोड समेत शहर के रिहायशी इलाकों का हाल यह है कि हर गली मोहल्ले में कोई न कोई अनधिकृत पीजी चल रहा है और अब लोग शहर की सीमा के पास के गांवों में भी बड़ी संख्या में पीजी सेंटर बन गए हैं, जहां बाहर से आने वाले लड़के-लड़कियों को रहने की व्यवस्था की जाती है। शहर में संचालित अधिकांश पीजी केंद्र अवैध हैं और बिना पुलिस सत्यापन और प्रशासनिक स्वीकृति के राजनीतिक और प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा चलाए जा रहे हैं। जिसमें रहने वाले लड़के-लड़कियों को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं नहीं दी जा रही है और यहां रहने वालों के लिए कोई नियम-कानून नहीं है। जबकि पीजी के नाम पर शहर के रिहायशी इलाकों में बाहर से आने वाले लड़के-लड़कियों को आवास उपलब्ध कराकर अनाधिकृत पीजी सेंटरों का धंधा बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा है। इन पीजी मालिकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से पीजी मालिक पंजाब सरकार से अनाधिकृत तरीके से लाखों रुपये की ठगी कर मोटी कमाई कर रहे हैं। पिछले दिनों यह देखने में आया कि शहर में हुई अधिकांश घटनाओं में पीजी में रहने वाले लोग ही जिम्मेदार पाए गए। लेकिन ये पीजी मालिक नियमों की धज्जियां उड़ाकर अनाधिकृत तरीके से पीजी केंद्रों का कारोबार चला रहे हैं। यह भी देखने में आया है कि कई पीजी मालिकों ने किरायानामा भी तैयार नहीं किया है और अगर किसी ने किया भी है तो उसमें किरायानामा किसी और के नाम पर बना हुआ है और उक्त पीजी में कोई और रह रहा है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले हुई घटनाओं, चोरी और डकैती में लड़के-लड़कियां दोषी पाए गए थे। पीजी सेंटरों में रहने वाले लड़के जहां दोस्तों के साथ ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं, वहीं शहर में जानलेवा वारदातों को भी अंजाम देते हैं। गौरतलब है कि शहर में खोले गए अधिकांश पीजी नशा तस्करी का अड्डा बन गए हैं। पीजी में रहने वाले लड़के मौज-मस्ती के लिए गलियों और बाजारों में घूम-घूम कर कानून-व्यवस्था बिगाड़ देते हैं। जिसका खामियाजा शहर में अमन पसंद लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जिससे रिहायशी इलाके में बने पीजी सेंटर पड़ोसियों को असुरक्षित महसूस कराते हैं। शहरवासियों ने बताया कि रात के समय पीजी केंद्रों में ठहरे कुछ युवकों द्वारा शहर में चोरी, डकैती और लूटपाट जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। शांतिप्रिय लोगों ने पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि शहर के सैकड़ों अनाधिकृत पीजी सेंटरों के मालिकों के खिलाफ किरायेदारों की पहचान छुपाने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए।