Monday, 26 October 2026
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श्री चैतन्य गौड़ीय मठ में गोवर्धन पूजा व अन्नकूट महोत्सव मनाया गया

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भगवान गोवर्धन गिरिराज जी की महाआरती एवं 56 तरह के व्यंजनों का भोग लगाया गया 

फेस2न्यूज/चण्डीगढ़ :

श्री चैतन्य गौड़ीय मठ, सेक्टर 20 में श्री गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट महोत्सव बहुत ही हर्षोल्लाह एवं विधि विधान से मनाया गया।

मठ के प्रवक्ता जयप्रकाश गुप्ता ने बताया कि प्रातः मंगल आरती के पश्चात प्रभात फेरी व श्री हरि नाम संकीर्तन का आयोजन किया गया। तत्पश्चात दोपहर तक कथा संकीर्तन चलता रहा। इस अवसर पर भक्तों को संबोधित करते हुए त्रिडंडी स्वामी श्री वामन जी महाराज जी ने भक्तों को कहा कि आज ही के दिन ब्रजमंडल स्थित स्थान पर भगवान श्री कृष्ण जी ने अपनी सबसे छोटी उंगली पर गोवर्धन गिरिराज पर्वत को उठाकर देवराज इंद्र का घमंड चकनाचूर किया था और ब्रजवासियों की रक्षा की थी।

(SUBHEAD)ब्रजवासियों ने इंद्र देवता की पूजा करने की बजाय भगवान श्री कृष्ण की पूजा करनी प्रारंभ कर दी थी, इसलिए क्रोध में आकर देवराज इंद्र ने ब्रज मंडल को वर्षा के द्वारा पानी से डुबाने के लिए अपना संकल्प कर लिया था और भारी वर्षा प्रारंभ कर दी थी लेकिन भगवान श्री कृष्ण जी ने गोवर्धन पर्वत को अपनी तर्जनी उंगली पर उठाकर अतिवृष्टि के प्रकोप से भक्तों की रक्षा की थी। इसी उपलक्ष्य पर हजारों वर्षों से यह पावन पर्व पूरे विश्व में गोवर्धन पूजा के रूप में भक्तों द्वारा मनाया जाता है।

मथुरा से थोड़ी दूरी पर विराजमान गोवर्धन पर्वत की भक्त लोग पूरे वर्ष परिक्रमा करते हैं। कई भक्त लोग अपनी मनोकामना पूरी होने के पश्चात 22 किलोमीटर की परिक्रमा जमीन पर लेट-लेट कर भी करते हैं। आज मठ मंदिर में सुबह से ही भक्तों में उल्लास का माहौल था। दोपहर को भगवान गोवर्धन गिरिराज जी की महाआरती एवं 56 तरह के व्यंजनों का भोग लगाया गया और परिक्रमा की गई।

इस अवसर पर आज गाय की विशेष रूप से पूजा-अर्चना, वंदना-आरती की गई। गाय के शुद्ध देसी घी से प्रज्वलित दीपकों से महा आरती की गई। आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं यजमान प्रसिद्ध समाजसेवी राकेश गुप्ता रहे। भक्तों ने इस अवसर पर नृत्यगान हरि नाम संकीर्तन एवं फूलों की वर्षा कर आनंद प्राप्त किया। उसके पश्चात स्वादिष्ट प्रसाद भंडारे का आयोजन किया गया व हज़ारों भक्तों ने भगवान का प्रसाद ग्रहण कर आनंद प्राप्त किया।

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