Sunday, 14 June 2026
Breaking News
विश्व रक्तदाता दिवस: विश्वास फाउंडेशन ने ट्राईसिटी में किया 164 यूनिट्स रक्त एकत्रित विकास धवन आरएलडी के महासचिव नियुक्त संपूर्ण भारतीय बैरवा विकास संस्था के सैकड़ों सदस्यों ने थामा आरएलडी का दामन म्यांमार राष्ट्रपति की भारत यात्रा: आशा और निराशा के बीच संतुलन की तलाश 20 ग्राम हेरोइन सहित तीन युवक गिरफ्तार, पुलिस ने शुरू की सप्लाई नेटवर्क की जांच  बिजली आपूर्ति बंद रहने से परेशान लोगों ने बिजली दफतर में दिया धरना उत्तराखंड में मिलने वाली 100 वन खाद्य वनस्पति निःशुल्क फाइब्रो स्कैन, मैमोग्राफी एवं स्वास्थ्य जांच शिविर में 152 ने कराई जांच अबोहर में 13 जून को ओबीसी महासम्मेलन रैली आप विधायक की शह पर करोड़ों रुपए की फसलें लूटने का आरोप, मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार
राष्ट्रीय Trending

भारत सरकार उन एजेंटों को पकड़े जिन्होंने अवैध रूप से युवकों को बाहर भेजा : लक्ष्मीकांता चावला

Read in:Hindi

(MOREPIC1)(SUBHEAD)फेस2न्यूज /अमृतसर

अमेरिका ने अवैध रूप से रहने वाले भारतीयों को वापस भेजा है। दुख की बात है कि उन्हें बेड़ियों में जकड़कर भेजा, पर अपने देश की सरकारों से, शासन प्रशासन से यह सवाल है कि उन एजेंटों पर नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा, जो लोगों को धोखे से दूसरे देशों में भेजने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लेते हैं। अपनी जमीन जायदाद बेचकर विदेश जाने के लिए नौजवान तैयार हो जाते हैं, पर इसमें जनता का भी दोष है।

भाजपा नेत्री लक्ष्मीकांता चावला ने पूछा कि आखिर अपने देश में रोटी की क्या इतनी कमी है कि वे केवल डालरों के लिए जो कुछ अपने पास है वह भी मिट्टी में मिलाकर बाहर जा रहे हैं। कभी नहीं देखा होगा कि बेटा विदेश से वापस आए तो मां—बाप रो रहे हों, लेकिन यहां देखा गया है कि जब अमेरिका से वापस भेजे गए लड़के पंजाब के घरों में जाते दिखाई दिए तो हर घर में दुख का वातावरण था। कहीं पर तो माता—पिता रो रहे थे कि वे जिंदगी भर कर्ज नहीं उतार सकते।

लक्ष्मीकांता चावला ने कहा, इसका एक ही समाधान है कि भारत सरकार उन एजेंटों को पकड़े, जिन्होंने इन्हें अवैध रूप से भेजा और जितना धन इनसे लिया है वे वापस इनको दिलवाए, जिससे ये फिर अपनी जिंदगी शुरू कर सकें।

हैरानगी यह है कि जिनके पास एजेंटों को देने के लिए तीस चालीस लाख रुपये हैं वे तो यहां भी आराम से काम करके रोटी कमा सकते हैं, वे क्यों विदेश की ओर भागते हैं। ड्यूटी सरकार की भी है और हमारे शिक्षा जगत की भी कि सरकार एजेंटों को कम करे और स्कूलों कालेजों में बच्चों को यह समझाया जाए कि विदेश भागने की जगह अपने देश में रहना ही उचित है।