Monday, 06 July 2026
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रुकने का नाम नहीं ले रहा अवैध्र खनन, सरेआम सैंकड़ों ट्रिपर गुजरते है यहां, प्रशासन को पता ही नहीं

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ग्राउंड रिपोर्ट दीपक सिंह, स्थान गाँव थरवा तहसील रायपुर रानी जिला पंचकूला 

सतवीर सिंह ने अपने घर पत्रकार वार्ता में खुलासा किया कि गांव के निवासी माईनिंग के लोगों की वजह से बहुत परेशान है, दिनभर में 400 से 500 टिप्पर गांव के सड़कों से गुजरते है जबकि गांव की सड़कों की हालत ऐसी नहीं है कि इतना ट्रैफिक का भार झेल सके। गांव के लोगों का सड़क पर पैदल चलना तो मुहाल है ही स्कूल और कॉलेज जाने वाले बच्चों के लिए भी बहुत परेशानी का सबब है.

दिन रात टिप्पर चलते हैं जिनकी वजह से न केवल शोर होता है बल्कि धूल मिट्टी और गर्दा उड़कर घरों के अंदर आता हैं। शोर की वजह से बच्चों की पढ़ाई खराब होती है और बुजुर्गों ओर बीमारों को परेशान होती है। नियम कानून के अनुसार 5 फीट से ज्यादा मिट्टी नहीं खोदी जा सकती लेकिन हर आदमी 20 से 25 फुट मिट्टी खोद रहा है, साथ ही नियम यह भी है कि जब मिट्टी को लेकर जाया जाएगा तो उसको तरपाल से ढका जाएगा ओर लगातार मिट्टी को उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव किया जाएगा। लेकिन कोई भी आदमी ट्रक की मिट्टी पर तरपाल नहीं डालता न ही पानी का छिड़काव किया जाता है, जिसकी वजह से मिट्टी उड़ती है और गांव वासियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है, ना चाहते हुए भी धूल मिट्टी मुंह में चली जाती है और घरों में दाखिल होकर घर में गंदगी फैलाती है।

सतवीर सिंह ने बातचीत में आगे बताया कि ज्यादातर टिप्पर ड्राइवर छोटी उम्र की लड़के है जिनकी उम्र 16 से 18 साल के बीच की लगती है और उनमे किसी के पास भी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, ध्यान से देखने पर कई लोग तो नशे में ही लगते हैं टिप्पर चलाते वक्त ज्यादातर का ध्यान मोबाइल पर ही होता है जिसकी वजह से हादसे होते हैं, उन्होंने गांव की एक पुलिया तोड़ दी है गांव के सरपंच की गाड़ी भी तोड़ दी थी। पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि इस बाबत शहर में डीसी और पुलिस को भी शिकायत कर चुके हैं लेकिन माफीया इतना खतरनाक है कि उन्होंने कुछ दिन पहले रायपुर रानी पुलिस स्टेशन में पुलिस कर्मियों के साथ हाथापाई की, पुलिस स्टेशन में अगर पुलिस वालों को ही सुरक्षा नहीं है तो आमजन का क्या होगा।

सतवीर ने बताया कि गुंडे बदमाश उनको धमकियां देते हैं कि हाथ पैर तोड़ देंगे नहीं तो किसी दिन किसी टिप्पर के नीचे आ जाओगे। उनका पूरा परिवार डर ओर ख़ौफ़ के साये मे जी रहा है पता नहीं किस वक्त कौन सा हादसा हो जाए। प्रशासन को कई बार शिकायत दी जा चुकी है लेकिन प्रशासन मुक दर्शक की तरह हादसे के इंतजार में बैठा है। मीडिया के सामने गुहार लगाते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार हमारी मदद करें ताकि हमारे गांव मे एक स्वस्थ ओर सुरक्षित जिंदगी जी सके।

जिला उपायुक्त महोदय से जब इस बारे में बात की गई तब उन्होंने कहा कि उनके पास इस बारे में कोई जानकारी नहीं है उन्होंने कहा फिर भी इसकी जांच की जाएगी और जो उचित कारवाई होगी वो जांच के बाद की जाएगी।