Tuesday, 20 October 2026
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आने वाले समय में ब्रह्माकुमारीज़ विश्व शांति के प्रयासों का प्रमुख केंद्र होगा: नरेंद्र मोदी

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राज सदोष/अबोहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के छत्तीसगढ़ नवा रायपुर में नवनिर्मित शांति शिखर एकेडमी फॉर ए पीसफुल वर्ल्ड रिट्रीट सेंटर को समाज के नाम समर्पित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ ने स्वयं ही नहीं विश्व और ब्रह्मांड में शांति के प्रयासों से जोड़ा है। आपका पहला संबोधन ही ओम शांति है। ओम अर्थात् ब्रह्म और संपूर्ण ब्रह्मांड। शांति अर्थात् शांति ही कामना है। इसलिए ब्रह्माकुमारी के विचारों का हर किसी के अंतर्मन पर इतना प्रभाव पड़ता है। हमारा अध्यात्म हमें सिर्फ शांति का पाठ ही नहीं सिखाता, वह हमें हर कदम पर शांति की राह भी दिखाता है।

(SUBHEAD)पीएम ने कहा कि विकसित भारत की इस अहम यात्रा में ब्रह्माकुमारीज़ जैसी संस्था की अहम भूमिका है। आज दुनिया में कहीं कोई संकट आता है, कोई आपदा आती है भारत एक भरोसेमंद साथी के तौर पर मदद के लिए आगे पहुंचता है। ब्रह्माकुमारीज़ में शब्द कम, सेवा ज्यादा है। मैं शांति शिखर की संकल्पना में उनके (दादी जानकी) विचारों को साकार होते हुए देख रहा हूं। मैंने इस आध्यात्मिक आंदोलन को वटवृक्ष की तरह विशाल होते देखा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेरा तो सौभाग्य रहा है कि मैं बीते कई दशकों से आप सबके साथ जुड़ा हुआ हूं। इस संस्थान से मेरा अपनापन है। खासकर जानकी दीदी का स्नेह, दादी हृदयमोहिनी जी का मार्गदर्शन यह मेरी जीवन की विशेष स्मृतियों का हिस्सा है।

मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद दुनिया में मैं जहां-जहां गया, एक भी देश ऐसा नहीं होगा जहां मुझे ब्रह्माकुमारीज़ के लोग नहीं मिले हों, उनकी शुभकामनाएं मेरे साथ रहीं। अतिरिक्त महासचिव डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने छत्तीसगढ़ी टोपी और माला पहनाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका जयंती दीदी ने कहा कि परमात्मा आपको उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें ताकि आपके भारत के विश्व गुरु बनाने के संकल्प को सकारात्मक ऊर्जा मिलती रहे और आपके नेतृत्व में देश आगे बढ़ता रहे।

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