फेस2न्यूज /ऋषिकेश
स्वर्गीय श्री ब्रह्म नारायण नारंग, पूर्व एसडीओ एमईएस, अबोहर, जो अब इस नश्वर दुनिया में नहीं हैं, हम अपनी आँखों से अब उन्हें कभी देख नहीं पायेंगे, लेकिन बड़े गर्व की बात है कि उनकी दोनों आँखें इस दुनिया में रहकर दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन का अंधकार दूर कर रही हैं. यह कहना है लायन आदित्य गुप्ता और लायन डॉ. गोपाल नारंग का.
डॉ. गोपाल नारंग ने बताया कि नेत्रदान को समर्पित टीम का यह 495वाँ सफल प्रयास है, जिसमें राकेश नारंग का विशेष सहयोग रहा. दिवंगत की आखिरी इच्छा पूर्ण हुई और उनकी आंखें दो व्यक्तियों को प्रत्यरोपित कर उन्हें दुनिया दिखा गईं.