Wednesday, 30 September 2026
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रोच्चारण के बीच की ब्रह्मसरोवर पर सांध्य कालीन महाआरती

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प्रधानमंत्री का अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में पहुंचने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया स्वागत

कुरुक्षेत्र /चंडीगढ़  

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव- 2025 में ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर मंत्रोच्चारण के बीच महाआरती की और देशवासियों की उन्नति और तरक्की के लिए प्रार्थना की। उन्होंने दीपशिखा प्रज्वलित कर विधिवत रूप से महाआरती का शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री के आगमन से कुरुक्षेत्र के इतिहास के साथ एक नया अध्याय जुड़ गया। यह अवसर इसलिए भी खास है कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से ही हरियाणा सरकार द्वारा लगातार गीता के संदेश को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए लगातार अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 

(MOREPIC1)इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन के रथ के समक्ष केडीबी के सदस्यों और विभिन्न देशों से आए शोधकर्ताओं के साथ एक यादगारी चित्र भी करवाया। इस यादगारी चित्र में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रह्मसरोवर का अवलोकन करने के उपरान्त ब्रह्मसरोवर पुरूषोत्मपुरा बाग की महाआरती कार्यक्रम में भी भाग लिया। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र की पावन धरा से पूरे विश्व को गीता का उपदेश दिया। इस पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश आज भी पूरे विश्व के लिए प्रासंगिक हैं। इसलिए कुरुक्षेत्र की पूरे विश्व में आध्यात्मिक रूप से अनूठी पहचान है। इस पावन धरा पर हर वर्ष कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड व सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की तरफ से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव और सभी संस्थाओं की तरफ से भी गीता महोत्सव को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस सांध्यकालीन महाआरती को देखने पर सुखद अहसास होता है। 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि धर्मक्षेत्र – कुरुक्षेत्र की पवित्र स्थली ज्योतिसर से पूरे विश्व को गीता का ज्ञान मिला। गीता में दिए ज्ञान में मानव की हर समस्या का समाधान निहित है। गीता के श्लोकों का स्मरण करने से जहां मन को शांति मिलती है वहीं हमारे आध्यात्मिक ज्ञान में भी वृद्धि होती है। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गीता स्थली ज्योतिसर में पंचजन्य स्मारक का किया उद्घाटन 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गीता स्थली ज्योतिसर, कुरुक्षेत्र में मंगलवार को महाभारत अनुभव केन्द्र परिसर में भगवान श्री कृष्ण जी के पवित्र शंख पंचजन्य पर आधारित पंचजन्य स्मारक का उद्घाटन किया। साथ ही, प्रधानमंत्री ने अनुभव केन्द्र का अवलोकन भी किया। इस मौके पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि महाभारत के युद्ध में भगवान श्री कृष्ण ने न्याय और धर्म के साथ खड़े होकर दिव्य पंचजन्य शंख से ही शंखनाद किया था। उन्नत वैदिक शैली के वैदिका पर स्थापित स्वर्णिम शंख पवित्रता, साहस और धर्म की विजय का प्रतिक है। यह पंचजन्य भारत के सनातन संदेश धर्म और दिव्य ज्ञान की याद दिलाता है। इस पर श्रीमद्भगवद् गीता के 18 श्लोक अंकित किए गए हैं। 

उद्घाटन उपरान्त प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, राज्यपाल प्रो0 असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और पयर्टन मंत्री डॉ. अरविन्द शर्मा ने महाभारत अनुभव केन्द्र का अवलोकन किया और गीता की पावन धरा को नमन किया। उन्होंने महाभारत अनुभव केंद्र में स्वागत कक्ष, महाकाव्य का सृजन कक्ष, प्राचीन महाभारत, कुरु वंशावली, द्रोपदी स्वयंवर, भगवान श्री कृष्ण का विराट स्वरूप, गीता श्लोक, कृष्ण भूमिका, कुरुक्षेत्र 48 कोस, दशव अवतार सहित अन्य कक्षों का भी अवलोकन किया।