Tuesday, 05 May 2026
Breaking News
शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च ने मनाया 21वां वार्षिक समारोह केपीएल लेजेंड्स सीजन-2: किन्नौर वॉरियर्स के डा. प्रेम ने की सुपर स्ट्राइकर्स की सर्जरी चंडीगढ़ के राम दरबार में भारी बारिश में निकाली कलश यात्रा पंजाब का ओबीसी समाज एकजुट हो जाओ, अगली बार सरकार भाजपा की होगी : नायब सिंह सैनी पंजाब में भाजपा की सरकार बनाओ, हरियाणा में लागू सभी योजनाएं पंजाब में भी लागू कर देंगे: नायब सिंह सैनी पंचकुला मेयर चुनाव के बीच हुड्डा का चन्द्रमोहन और सुधा भारद्वाज को करारा झटका, पर्ल चौधरी को सौंपी हरियाणा महिला कांग्रेस अध्यक्ष की कमान प्रथम माता मनसा देवी ट्रॉफी नार्थ जोन अंडर-14 संयुक्त लड़के एवं लड़कियों का ट्वेंटी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट चंडीगढ़ और पंचकूला में 18 मई से रानी लक्ष्मीबाई हॉल में “शाम-ए-बहार” का रंगारंग आयोजन, सदाबहार गीतों पर झूमे दर्शक सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत केंद्र के पारित काले कानून की वापसी को लेकर 20 लाख पैरामिलिट्री परिवार उतरेंगे सड़कों पर विश्व में युद्ध का वातावरण, भारत को भी सामरिक दृष्टि से घेरने का षड्यंत्र चल रहा  : सांसद सुभाष बराला
राष्ट्रीय Trending

भारत-पाक बीच हुए 1971 के युद्ध की दास्तान, कंपकंपाती सर्दी में 3 दिसंबर 1971 को फाजिल्का शहर हो गया था खाली

Read in:Hindi

फेस2न्यूज/फाजिल्का

भारत-पाकिस्तान के बीच 1971 के महायुद्ध की दास्तान सुनाई जाती है तो अब भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। 3 दिसंबर 1971 की सायं पाकिस्तान ने भारत पर हमला बोल दिया था। तोपों और टैंकों के आग बरसाते गोलों से फाजिल्का क्षेत्र का आकाश लाल हो चुका था।

सीमावर्ती ग्रामीण अपने अपने खेतों से घर की तरफ और नगर में दुकानदार दुकानें बंद कर अपने घरों में लौट आए। लड़ाई तेज होते देख बिना कुछ खाए पिए ही अपने परिवारों को सुरक्षित स्थानों की तरफ ले जाने के लिए दौड़ पड़े। उस समय दोपहिया वाहन और कारों के कम होने के कारण लोग बच्चों को कंधों पर बैठा पैदल निकले तो कई साइकिलों और अन्य वाहनों द्वारा अबोहर मलोट सड़क की तरफ चले गए।

(SUBHEAD)   कंपकंपाती सर्दी के चलते रास्ते की घटना बताते हुए लीलाधर शर्मा ने बताया कि एक बुजुर्ग कोटूराम अपनी भैंस पर चढ़कर सुरक्षित स्थान की तरफ जा रहा था। उन्होंने बताया कि मलोट अबोहर और बठिंडा की सामाजिक संस्थाओं ने युद्धग्रस्त क्षेत्र के लोगों के रहने खाने-पीने का उचित प्रबंध भी किया था।

युद्ध में फाजिल्का की गौशाला में गोला गिरने से कई गऊएं और ग्वाले भी भेंट चढ़ गए। वही बसों में चढ़ने से कई लोग घायल भी हुए। उसी युद्ध में फाजिल्का 25 दिनों तक खाली रहा। वहीं कई सीमावर्ती गांव पाकिस्तान ने अपने कब्जे में ले वहां के कई ग्रामीणों को गिरफ्तार कर पाकिस्तान की लखपत जेल में 10 माह तक रखा।