Saturday, 26 September 2026
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तेल गैस की कोई किल्लत नहीं– बस मिल नहीं रही

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मनमोहन सिंह

दोस्तो देश में घरेलू गैस की कोई किल्लत नहीं है, बात बस इतनी सी है कि मिल नहीं रही। अब अगर गैस के लिए लंबी लंबी लंबी लाइनें लगी हैं, कई रेस्टोरेंट और ढाबे बंद हो गए हैं, सिलेंडर ब्लैक में बिक रहे हैं तो इसे किल्लत थोड़ा कहा जाएगा? जो लोग गैस की किल्लत बता रहे हैं वे दुनियां में देश का नाम डुबो रहे हैं और लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। अब बताओ अगर सरकार ने गैस के सिलेंडर की कीमत साठ सत्तर रुपए बढ़ा दी या गैस सिलेंडर बुक कराने के लिए 35 दिन का टाइम रख दिया तो क्या हुआ? इससे यह तो नहीं कहा जा सकता कि देश में गैस की किल्लत है?

अभी कुछ देर पहले ही हमारा एक जहाज़ सायरन बजाता धड़ल्ले से ईरान से तेल ले कर हार्मूज जलडमरू से निकला है। बस 20-30 जहाज़ और खड़े हैं। अभी इस रास्ते पर ट्रैफिक अधिक होने के कारण कई जहाज़ फंसे हैं इसलिए दिक्कत आ रही है। नहीं तो हमारे वहां फंसे जहाज़ कब के निकल आते। खड़ी में ज़रा जाम लगा है जैसे ही जाम खुलता है सारे जहाज़ आ जाएंगे। हमारी सरकार ने ईरान से कहा कि अगर उनकी ट्रैफिक पुलिस जाम नहीं खुला पा रही तो हमें कहे हमारी पुलिस को नाके लगाने और जाम खुलवाने का बहुत अनुभव है।

खैर जो भी हो देश में गैस की कोई किल्लत नहीं। सभी को मिल रही है। यहां लोगों को लाइनों में लगने का शौक है इसलिए लगे बैठे हैं। इन्हीं लाइनों में लोगों को एक दूजे से गपशाप करने का मौका मिल जाता है। कुछ सामाजिक रिश्ते बन जाते हैं। इश्क मुहब्बत हो जाती है। इस तरह ही नोटबंदी के दौरान हुआ था। तो लाइनें कोई नई चीज़ नहीं है। बस यह समझ लें कि अगर सरकार कहती है कि गैस की किल्लत नहीं है तो फिर नहीं है।