Wednesday, 03 June 2026
Breaking News
पासपोर्ट कार्यालय के कर्मचारियों ने सेवा केंद्र में लगाईं मीठे पानी की छबील पत्रकार नव ठाकुरीया को देवर्षि नारद जयंती सम्मान मुर्दा बोले कफ़न फाड़े अहिंसा शिक्षा रत्न अवॉर्ड 2026 में ट्राइसिटी के लगभग 130 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान बशीर बद्र की ग़ज़लों की हिंदी में पहली किताब अबोहर में हुई थी प्रकाशित स्वर सप्तक कल्चरल सोसाइटी ने आयोजित की रवींद्र-नज़रूल संध्या कुरुक्षेत्र क्रिकेट अकादमी, हरियाणा ने पहली 'श्री माता मनसा देवी ट्रॉफी' अंडर-14 संयुक्त (लड़के/लड़कियां) क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब जीता अलविदा बशीर बद्र उत्तराखंड और पूर्वाेत्तर राज्यों में बादल फटने की घटनाएं बढ़ने की संभावनाः मुख्यमंत्री श्री अमृतेश्वर महादेव मंदिर स्थापना दिवस की धूम : गायक बी प्राक की भजन संध्या में उमड़ा जनसैलाब
हिमाचल Trending

यक्ष प्रश्न जो मेरी समझ में नहीं आया

Read in:Hindi

मनमोहन सिंह

आज बैठे बैठे न जाने क्यों मुझे वैसे ही एक घटना याद आ गई जो बरसों पहले मेरे गांव धर्मपुर में घाटी थी। एक रात हमारे बाज़ार की एक दुकान में चोरी हो गई। हमारे लिए यह हैरानी की बात थी क्योंकि हिमाचल प्रदेश में वैसे भी चोरी चाकरी के मामले बहुत कम होते हैं। इसलिए गांव के लोग बाज़ार में इकट्ठे हो गए। पुलिस अपना काम कर रही थी। पर हर कोई चोर की तारीफ कर रहा था।

एक साहब कह रहे थे, ” कुछ भी हो कमाल का चोर है कितनी सफाई से माल उड़ाया है। चौकीदार तक को खबर नहीं लगने दी “। दूसरा कह रहा था, ” देखो जी ताला तोड़ा नहीं पूरी सफाई से खोल दिया। बाहर से तो पता ही नहीं चलता कि अंदर से दुकान खाली हो गई है “। एक और सज्जन बोले, ” अजी मैं रात ग्यारह बजे दिल्ली से आया तब भी सब ठीक ही लग रहा था, मतलब चोरी रात ग्यारह बजे के बाद ही हुई”। मैं चुपचाप खड़ा सुन रहा था कि लोग चोर की तारीफ के पुल बांध रहे थे।

कुछ ने तो यह कहते हुए घर की राह ले ली कि इतने शातिर चोर को पकड़ना पुलिस के बस की बात नहीं। सबके मुंह से चोर के लिए वाह ही निकल रही थी। कोई चोर या चोरी की निंदा नहीं कर रहा था। किसी का ध्यान चोरी पर था ही नहीं। मेरे लिए यह एक यक्ष प्रश्न है कि चोर की तारीफ होनी चाहिए थी या उसके कृत्य की निंदा? मैं आज तक इसी उलझन में हूं कि क्या चोरी की निंदा होनी चाहिए या चोर की निपुणता की तारीफ?