Sunday, 26 July 2026
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अंतरराज्य वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार, 11 मामले ट्रेस, छह वाहन बरामद

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जीरकपुर, कृतिका:
पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में वाहन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफास कर इस मामले में एक गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरोह मुख्य सरगना एम टेक कम्प्यूटर साइंस पास है और हाई टेक गाड़ियां खोलने में माहिर है।
चौकाने वाली बात यह है कि गिरोह के सदस्य सिर्फ हुंडई की गाड़ियां ही चुराते थे। कार चोरी के मामले में 12 फरवरी को 379 आईपीसी के तहत दर्ज किया गया था, जिस में यह रिकवरी की गई है। प्रेस वार्ता के दौरान एसएसपी मोहाली ने बताया कि स्पेशल टीम की निगरानी में हुंडई कारों की चोरी करने वाले एक बड़े अंतरराज्य गिरोह का पर्दाफास किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने 22 सितंबर को गाजीपुर रोड के पास अंतरराज्य वाहन चोरी के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मोहाली पुलिस की टीम ने 11 वाहन चोरी के मामलों को ट्रेस कर जिला मोहाली से 06 चोरी के वाहन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से एक अकील अहमद निवासी 523, बवानी खेड़ा, जिला पलवल, हरियाणा जो इस समय डीएलएफ वैली पंचकूला में रह रहा है, इस गिरोह का सरगना है। वह ऑफ़सेट कॉलेज, फरीदाबाद से एम-टेक (कंप्यूटर साइंस) पास हैं और वह 2004 से 2012 तक गुरुग्राम में मोबाइल टॉवर रिलायंस कंपनी में तकनीकी इकाई के प्रमुख के रूप में काम करता था। उन्हें 2012 में उच्च कीमतों पर वीआईपी नंबर बेचने में शामिल होने के लिए रिलायंस कंपनी से निकाल दिया गया था। वह 2016 तक अपने गिरोह के सदस्यों के साथ भरतपुर, राजस्थान में अवैध खनन में शामिल था और 2021 में अपनी ऑटोमोबाइल कार बेचने का काम शुरू किया था। दिसंबर 2021 में,
आसानी से और जल्दी पैसे कमाने पैसा कमाने के लिए, वह अपराधी गतिविधियों में शामिल होकर वाहन चोरी करना शुरू कर दिया। जिसके बाद वह एनसीआर और पंजाब, हरियाणा में एक गिरोह बनाकर गाड़ियां चोरी करनी शुरू कर दी।
पंजाब में उसके गैंग के और भी सक्रिय सदस्य हैं जो पहले अपराधिक गति विधियों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वह कंप्यूटर इंजीनियर होने के चलते हुंडई कार को लॉक खोलने में माहिर है और मात्र 10-15 मिनट में ही खोल देता है।
दूसरा गिरफ्तार आरोपी शेख दिलवर निवासी मंसूरी मस्जिद लाइन, मोसन गंज, अमरावती, महाराष्ट्र जो पिछले 10 सालों से कारें खरीदने बेचने का काम करता है। शेख रफीक और एक भगोड़ा आरोपी सोनू अकील व उसके गिरोह के सदस्यों से वाहन खरीदते था और चोरी की कारें आगे बेचते थे। पुलिस ने इस मामले में ओर भी रिकवरी होने कि आशंका जताई है।