Friday, 05 June 2026
Breaking News
प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ, सुरक्षित और हरित भविष्य की नींव है : कमांडेंट कमल सिसोदिया 5 सिग्नल बटालियन, केरिपुबल, हैल्लोमाज़रा में किया गया वृक्षारोपण डेराबस्सी ओवरब्रिज के नीचे 'अवैध बस्ती', बाथरूम तक बने, प्रशासन ने मूंदी आंखें ओआरसी सैनिक अकादमी के दो छात्रों का राष्ट्रीय सैनिक विद्यालयों में चयन "पेड़-पौधों में भी प्राण हैं,धरती की शान हैं...इनको बचाओ, हरा-भरा बनाओ और स्वस्थ जीवन पाओ" पासपोर्ट कार्यालय के कर्मचारियों ने सेवा केंद्र में लगाईं मीठे पानी की छबील पत्रकार नव ठाकुरीया को देवर्षि नारद जयंती सम्मान मुर्दा बोले कफ़न फाड़े अहिंसा शिक्षा रत्न अवॉर्ड 2026 में ट्राइसिटी के लगभग 130 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान बशीर बद्र की ग़ज़लों की हिंदी में पहली किताब अबोहर में हुई थी प्रकाशित
पंजाब Trending

पुलिस केस से नाम निकलवाने के बदले 4 लाख रुपए रिश्वत के आरोप में दो निजी व्यक्ति गिरफ़्तार

Read in:Hindi

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
राज्यभर में जारी अपनी भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के अंतर्गत विजीलैंस ब्यूरो, पंजाब ने लुधियाना से विशाल कुमार और जतिन्दर कुमार नामी दो व्यक्तियों को गिरफ़्तार कर लिया है। इन व्यक्तियों ने पुलिस केस में से शिकायतकर्ता का नाम निकलवाने के बदले 4 लाख रुपए रिश्वत ली थी।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए स्टेट विजीलैंस ब्यूरो प्रवक्ता ने बताया कि राजीव कुमार उर्फ रवि निवासी न्यू सुभाष नगर, बस्ती जोधेवाल, लुधियाना ने मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाईन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें उसने दोष लगाया था कि उपरोक्त व्यक्तियों ने एक कत्ल केस में से उसका नाम निकलवाने के लिए उससे 4 लाख रुपए लिए हैं।
शिकायत की आगे की जांच से पता लगा है कि मनोज कुमार और अन्यों के विरुद्ध लुधियाना के बस्ती जोधेवाल थाने में भारतीय दंड संहिता ( आई.पी.सी.) की धारा 302 के अंतर्गत एफ.आई.आर. नम्बर 68 ( 2020) दर्ज की गई थी। मनोज कुमार द्वारा दी गई जानकारी के उपरांत इस मामले में शिकायतकर्ता का नाम भी जोड़ा गया था।
इसके बाद विशाल कुमार ने शिकायतकर्ता के साथ मुलाकात के दौरान दावा किया कि वह लुधियाना के सुभाष नगर स्थित ब्रांडिड बाना गारमैंट स्टोर के मालिक जतिन्दर कुमार का जानकार है। विशाल कुमार ने शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया कि उसके मालिक के लुधियाना के एक ए.डी.सी.पी. (अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर) के साथ अच्छे सम्बन्ध हैं और वह कत्ल केस की पुलिस जांच करवा कर उसे बेकसूर साबित करवा सकता है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि विशाल कुमार और जतिन्दर कुमार ने अगस्त 2020 में उससे 4 लाख रुपए ले लिए थे, परन्तु उसे पैसों के बदले कोई राहत नहीं मिली। उसे ढूँढने के लिए लगातार की गई पुलिस छापेमारी के दौरान उस (शिकायतकर्ता) को गिरफ़्तार कर लिया गया।
जब उसने दोनों मुलजिमों से संपर्क किया तो उन्होंने उसे कहा कि 4 लाख रुपए तो केवल जांच शुरू करवाने के थे। शिकायतकर्ता को बाद में 25 अप्रैल, 2023 को ज़मानत मिल गई और 18 अगस्त, 2023 को लुधियाना की सैशन अदालत द्वारा उसको बरी कर दिया गया। इसके बाद उसने उक्त मुलजिमों के पास से 4 लाख रुपए वापस करने की माँग की तो उन्होंने पैसे वापस करने के लिए ना कर दी।
आखिर में शिकायतकर्ता ने इस मामले में शिकायत दर्ज करवाई और विजलैंस ब्यूरो को सबूत के तौर पर ऑडियो रिकार्डिंग प्रदान की। गहराई से जांच करने के बाद यह बात सामने आई कि दोनों मुलजिमों ने पुलिस केस में ए.डी.सी.पी. लुधियाना के साथ सम्बन्ध होना बताकर शिकायतकर्ता से 4 लाख रुपए रिश्वत ली थी।
प्रवक्ता ने बताया कि इस सम्बन्धी विशाल कुमार और जतिन्दर कुमार के खि़लाफ़ विजीलैंस ब्यूरो के थाना लुधियाना रेंज में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7-ए और आइपीसी की धारा 120-बी के अंतर्गत एफआईआर नंबर 27 तारीख़ 27 अक्तूबर, 2023 के अधीन मामला दर्ज किया गया है। दोनों व्यक्तियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है और इस सम्बन्धी आगे की जांच जारी है।