Saturday, 08 August 2026
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पूर्व राज्यपाल के बरनाला निवास पर हुई पंजाबी फिल्म “सतलुज” की स्क्रीनिंग

स्पीकर खालड़ा से संबंधित मूवी सतलुज में दिखाया गया कि किस तरह तत्कालीन पुलिस ने सीनियर्टी पाने के लिए नौजवानों का किया एनकाउंटर, फिल्म देखने के बाद लोगों ने प्रतिक्रियाएं भी व्यक्त की, मनजिंदर सिंह बिट्टा ने सोशल मीडिया पर व्यक्त की प्रतिक्रिया।

अखिलेश बंसल/ बरनाला

पंजाब प्रदेश में फिल्म अभिनेता दिलजीत दोसांझ की पंजाबी फिल्म “सतलुज” एक बार फिर चर्चा में है। यह फिल्म बुधवार की रात भूतपूर्व राज्यपाल स. सुरजीत सिंह बरनाला के निवास पर बड़े पर्दे पर दिखाई गई। फिल्म देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों में उत्साह था। फिल्म देखने के बाद लोगों ने कहा कि ऐसी फिल्मों पर किसी किस्म का प्रतिबंध नहीं लगाना चाहिए, बल्कि लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए। गौरतलब है कि इस फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से भी बैन कर दिया गया था। लोगों ने इसे बैन करने के फैसले पर कई सवाल उठाए थे। कुल मिलाकर, “सतलुज” की इस स्क्रीनिंग ने एक बार फिर यह सवाल किया कि क्या सच को स्क्रीन से कब तक दूर रखा जा सकता है।

फिल्म देख भावुक हुए लोगों ने दी प्रतिक्रियाः

पंजाबी फिल्म “सतलुज” में साफ दिखाया गया कि किस तरह तत्कालीन पुलिस ने सीनियर्टी पाने के लिए नौजवानों का बेखौफ एनकाउंटर किया। उनके परिवारों को इंसाफ दिलाने के लिए स्पीकर जसवंत सिंह खालड़ा ने कुर्बानी दी। बता दें कि इस फिल्म में स्पीकर खालड़ा की भूमिका निभा रहे दिलजीत दोसांझ को हीरो दिखाया गया है। प्रतिक्रिया करते उपस्थित लोगों बलजिंदर सिंह चौहान, त्रिलोक सिंह, जितेंद्र कुमार, सुरजीत सिंह, महिंदर सिंह, बेअंत सिंह, हरदीप सिंह बाजवा, आदि ने कहा कि अगर फिल्म में सच्चाई दिखाई गई है, तो इस पर प्रतिबंध लगाने का क्या कारण है। लोगों ने कलाकार दिलजीत दोसांझ की खुलकर तारीफ करते कहा कि ऐसे कलाकारों में ही ऐसे विषयों को पर्दे पर लाने की हिम्मत होती है। स्क्रीनिंग में शामिल लोगों ने एकमत से मांग की कि फिल्म “सतलुज” को फिर से थिएटर में रिलीज किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देख सकें। इस मौके पर कुछ ने तो स्पीकर जसवंत सिंह खालड़ा पंजाब का हीरो भी कहा। लोगों ने उन्होंने कहा कि इतिहास के बारे में सभी को पता होना चाहिए। पंजाब में जो हुआ, उसे नई पीढ़ी तक पहुंचना बहुत जरूरी है।

बिट्टा भी हुए सोशल मीडिया पर लाइवः

मनजिंदर सिंह बिट्टा जो कि भारत के एक राष्ट्रवादी सामाजिक कार्यकर्ता है और अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने पंजाब प्रदेश में पुनः चर्चा में आई पंजाबी फिल्म “सतलुज” को लेकर सोशल मीडिया पर लाइव होकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि फिल्म बनानी ही है तो वो सभी कुछ दिखाया जाए जो पंजाब के अंदर 1982 से 1992 के दौरान घटनाक्रम हुआ। उनमें 36 हजार बेगुनाहों का कत्लेआम क्यूं हुआ, किसने किया।

सिखों को छोड़ केवल हिन्दू भाईयों को टारगेट कर बसों ट्रेनों से उतार एक लाइन में खड़े कर गोलियों से क्यूं भून डाला, यह वो लोग थे जो परिवार का गुजारा करने के लिए घर से तो निकले लेकिन घर जिंदा लौटकर नहीं आए, यदि घर पहुंचे तो खून से लथपथ शव। फिल्म में यह भी जिक्र करना चाहिए था कि ब्लू स्टार ऑपरेशन क्यों हुआ, श्री हरि मंदिर साहिब पर फौजी हमला क्यों हुआ। हथियारों का जखीरा लेकर पवित्र स्थान को क्वच क्यों बनाया गया। इंदिरा गांधी की हत्या करने की बजाए उस पर अदालत में केस कर देते। बिट्टा ने पंजाब की युवा पीढ़ी से आग्रह किया है कि वह पंजाब में आग नहीं लगाएं, हालात खराब नहीं करें।