Sunday, 25 October 2026
Breaking News
सीनियर्स म्यूजिक पैशन ग्रुप की 5वीं वर्षगांठ पर सजी स्वर्णिम गीतों की यादगार संगीतमय शाम मलोया में पहली बार 1100 महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा, भागवत कथा का हुआ आगाज दलित युवक की हत्या : सरकार की कार्यप्रणाली पर भाजपा नेताओं ने उठाए सवाल हिमाचल महासभा ने सागर सहोड़ को न्यूजीलैंड के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में पीएचडी हेतु चयन पर दी बधाई पंचकूला में दिसंबर में लगेगा भव्य स्वदेशी महोत्सव 300 से अधिक स्टॉलों पर दिखेगी ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ताकत चंडीगढ़ में भगवान वाल्मीकि जी की भव्य शोभायात्रा निकली, सैकड़ों महिलाओं सहित श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा ओआरसी सैनिक अकादमी के 7 विद्यार्थियों का RIMC जून 2026 परीक्षा में चयन, संस्थान में खुशी की लहर अजय कुमार हत्याकांड: विधानसभा के बाहर लगातार दूसरे दिन परिवार के साथ धरने में शामिल हुए सुनील जाखड़ अजय हत्याकांड: राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी को निष्पक्ष जांच व कार्रवाई के निर्देश पी एम राहत योजना - सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए एक वरदान।
राष्ट्रीय Trending

भारत-पाक बीच हुए 1971 के युद्ध की दास्तान, कंपकंपाती सर्दी में 3 दिसंबर 1971 को फाजिल्का शहर हो गया था खाली

Read in:Hindi

फेस2न्यूज/फाजिल्का

भारत-पाकिस्तान के बीच 1971 के महायुद्ध की दास्तान सुनाई जाती है तो अब भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। 3 दिसंबर 1971 की सायं पाकिस्तान ने भारत पर हमला बोल दिया था। तोपों और टैंकों के आग बरसाते गोलों से फाजिल्का क्षेत्र का आकाश लाल हो चुका था।

सीमावर्ती ग्रामीण अपने अपने खेतों से घर की तरफ और नगर में दुकानदार दुकानें बंद कर अपने घरों में लौट आए। लड़ाई तेज होते देख बिना कुछ खाए पिए ही अपने परिवारों को सुरक्षित स्थानों की तरफ ले जाने के लिए दौड़ पड़े। उस समय दोपहिया वाहन और कारों के कम होने के कारण लोग बच्चों को कंधों पर बैठा पैदल निकले तो कई साइकिलों और अन्य वाहनों द्वारा अबोहर मलोट सड़क की तरफ चले गए।

(SUBHEAD)   कंपकंपाती सर्दी के चलते रास्ते की घटना बताते हुए लीलाधर शर्मा ने बताया कि एक बुजुर्ग कोटूराम अपनी भैंस पर चढ़कर सुरक्षित स्थान की तरफ जा रहा था। उन्होंने बताया कि मलोट अबोहर और बठिंडा की सामाजिक संस्थाओं ने युद्धग्रस्त क्षेत्र के लोगों के रहने खाने-पीने का उचित प्रबंध भी किया था।

युद्ध में फाजिल्का की गौशाला में गोला गिरने से कई गऊएं और ग्वाले भी भेंट चढ़ गए। वही बसों में चढ़ने से कई लोग घायल भी हुए। उसी युद्ध में फाजिल्का 25 दिनों तक खाली रहा। वहीं कई सीमावर्ती गांव पाकिस्तान ने अपने कब्जे में ले वहां के कई ग्रामीणों को गिरफ्तार कर पाकिस्तान की लखपत जेल में 10 माह तक रखा।

0 Comments