(MOREPIC1)(MOREPIC2)(MOREPIC3) जे.एस.कलेर/जीरकपुर
बुधवार दोपहर करीब 2 बजे स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सैल मोहाली और जिला पुलिस की एक टीम एक इनपुट पर जीरकपुर पंचकुला रोड पर कलगीधर मार्केट स्थित होटल ग्रैंड विस्टा पहुंची, जहां बठिंडा मार्केट प्रधान हत्याकांड के आरोपियों के ठहरने की सूचना मिली थी। पुलिस ने जैसे ही बदमाशों को सरेंडर करने के लिए कहा तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में डीएसपी पवन शर्मा और आरोपी लवजीत घायल हो गए हैं। क्रॉस फायर में दोनों की लात में गोली लगी है और उन्हें इलाज के लिए जीएमसीएच सेक्टर 32 अस्पताल भेजा गया है। जबकि एक छर्रा एसएचओ जीरकपुर सिमरजीत सिंह शेरगिल की लात में भी लगा है।
(SUBHEAD)प्राप्त जानकारी अनुसार जीरकपुर पंचकुला रोड स्थित कलगीधर मार्केट में होटल ग्रैंड विस्टा में तीन बदमाश ठहरे हुए थे। मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को पुलिस ने पकड़ लिया है और एक घायल हो गया है। गौरतलब है कि बठिंडा के सबसे बड़े और पॉश कमर्शियल इलाके मॉल रोड पर स्थित मशहूर हरमन रेस्टोरेंट के मालिक और मॉल रोड मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह जौहल उर्फ मेला की शनिवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
शनिवार शाम बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें 5 गोलियां मारीं. जब गोलीबारी हुई तब हरमन अमृतसर कुल्चा के मालिक हरजिंदर सिंह जोहल अपने रेस्तरां के बाहर कुर्सी पर बैठे थे। फायरिंग के बाद बदमाश वहां से भाग गए, जिनकी तलाश पुलिस जीरकपुर के होटल ग्रैंड विस्टा में कर रही थी।
एसएसपी मोहाली डॉ. संदीप गर्ग ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि बठिंडा ढाबा कारोबारी की हत्या के आरोपी जीरकपुर पंचकुला रोड पर कलगीधर मार्केट स्थित होटल ग्रैंड विस्टा में ठहरे हुए हैं, जिस पर राज्य विशेष ऑपरेशन ए सेल मोहाली और जिला पुलिस की टीम होटल पहुंची और आरोपियों को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, जिन्होंने पुलिस पर गोलीबारी की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में डीएसपी पवन शर्मा और आरोपी लवजीत घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए जीएमसीएच सेक्टर 32 अस्पताल भेजा गया है. दोनों के पैर में गोली लगी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अर्श दल्ला गैंग के हैं। 3 आरोपियों में से कमलजीत और परमजीत को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि लवजीत को गोली लगने के कारण इलाज के लिए सेक्टर 32 के जीएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से .32 और .38 बोर की दो पिस्टल बरामद की हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मौके पर एसपी (ग्रामीण) मनप्रीत सिंह और जीरकपुर के एसएचओ सिमरजीत सिंह शेरगिल मौजूद रहे।
शहर में मशरूम की खेती की तर्ज पर बन रहें होटल बने अपराध के अड्डे, छिपने के लिए भी सबसे मुफीद जगह
शहर की पैराफेरी में मशरूम की खेती की तरह शोरूम का नक्शा पास करवा होटल बनाए जा रहे हैं जो अपराध के अड्डे बनते जा रहे हैं। बीते दो सालों में शहर में अपराध और वारदाताें में काबू किए गए आराेपियाें से पूछताछ के आधार पर कहा जा सकता है कि शहर में धड़ाधड़ खोले जा रहे अवैध होटल अपराधियाें के छुपने की सबसे सही जगह साबित हाे रहे हैं। इससे भी बड़ी चिंता जाे सामने आ रही है वह यह है कि अब शहर की आबादी के बीच बने हाेटल अपराधियाें की शरणगाह बनते जा रहे हैं। हाेटलाें में उपलब्ध लग्जरी सुविधाओं के कारण गैंगस्टरों के गुर्गे और सटाेरिए अधिक सुरक्षा महसूस करते हैं।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि यहां के होटल अपराधियों के लिए पनाहगाह बने हो। इससे पहले भी जीरकपुर के कई होटलों में पुलिस द्वारा मुठभेड़ के दौरान अपराधियों को पकड़ा जा चुका है। अपराधी फर्जी आइडी दिखा अवैध होटलों में रहते हैं। बड़ा सवाल है कि क्या कोई भी अपराधी फर्जी आइडी बना उसे दिखा होटल व गेस्ट हाउस में आराम से रुक सकता है? संचालक ने यह जांच क्यों नहीं करते कि जमा कराए गए दस्तावेज सही या नहीं। दूसरा पुलिस रोजाना क्यों नहीं जांच करती कि उसके एरिया के होटलों में कौन आकर रह रहा है। शहर के कुछ होटल अनैतिक कार्यों के अड्डे बनते जा रहे हैं। जहां पर खुलेआम जिस्मफरोशी का धंधा चलाया जा रहा है।
होटल संचालकों की इतनी सांठगांठ है कि पुलिस की रेड पडऩे से पहले ही इन्हें सूचना मिल जाती है। पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो बलात्कार के दर्ज मामलों में पीडि़तों को होटलों में लेजाकर बलात्कार किया गया है।
जानकार सूत्रों की माने तो शहर में चलने वाले कुछ होटलों के संचालक युवाओं को केबिन की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। संचालकों की ओर से युवाओं से इसके लिए प्रति घंटे के हिसाब से मोटी रकम लेते हैं। इससे ज्याद सहुलियत देने के लिए प्रति घंटे के अतिरिक्त रुपए भी लिए जाते हैं। इन कैफे में अधिकांश स्कूल व कॉलेज स्तर के स्टूडेंट नजर आने लगे हैं।दिनभर यहां पर लड़के-लड़कियों की भीड़ लगी रहती है। शहर में संचालित कुछ होटल अनैतिक कार्यों के ठिकाने बनते जा रहे हैं, जो युवक-युवतियों से सुविधा शुल्क के नाम पर अनैतिक कार्य कराने के लिए मोटी रकम भी वसूलते हैं।
जानकारों की माने तो होटल संचालकों को फूड सेफ्टी के तहत लाइसेंस दिया जाता है, जिसमें वे केवल खाने-पीने की चीजें ही रख सकते हैं। सूत्रों की माने तो कोरोना काल के बाद में होटल संचालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। ऐसे में होटल की आड़ में अब नशे व देह व्यापार का धंधा पनप रहा है।जानकारों की माने तो इस काम के लिए शहर में स्थानीय स्तर सहित दिल्ली, मुम्बई, जयपुर, कोलकात्ता से लड़कियों को तीन से चार महीनें के एग्रीमेंट पर बुलाया जाता है।
इसके लिए दलाल भी सक्रिय होते हैं, जो ग्राहकों को लाने का काम करते हैं। बताया जा रहा है कि लड़कियों की कीमत उनकी उम्र के हिसाब से लगाई जाती है। पुलिस की ओर से होटलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की हिदायत दे रखी है, लेकिन सांठगांठ के चलते निगरानी केवल मौखिक तौर पर ही होती है। इन होटलों में चंद रुपयों के खातिर आसानी से चंद घंटों के लिए कमरा मिल जाता है।