Tuesday, 03 November 2026
Breaking News
डिवाइन कराओके सिंगिंग ग्रुप ने "गीत मेरे मन के" कार्यक्रम में समां बांधा फिल्म 'पीड़ (दर्द-ए-दिल)' संवेदनहीनता पर आधारित दिल दहला देने वाली कहानी, की स्क्रीनिंग में पहुंचे कई दिग्गज आईटीबीपी की परिवहन वाहिनी के सतर्कता जागरूकता सप्ताह में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित शारदा सर्वहितकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर रन फॉर यूनिटी आयोजित सीबीएम ने प्रशासक के समक्ष व्यापारियों के प्रमुख मुद्दे उठाए पीजीआईएमईआर में आठ घंटे में ब्लैडर कैंसर की तीन जटिल सर्जरी हसीना के फरार करीबी हनीफ को मौत की सजा मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया इतिहास से लेकर सीमा तक: एनसीसी कैडेटों ने सीखे साहस, बलिदान और नेतृत्व के पाठ
पंजाब Trending

नशों के विरुद्ध मुख्यमंत्री पंजाब का कदम तो अच्छा, पर शराब क्या है यह बताएं?

Read in:Hindi

अमृतसर, फेस2न्यूज:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशों के विरुद्ध जनजागरण के लिए हजारों विद्यार्थियों को इकट्ठा करके गुरुद्वारा में प्रार्थना करवाने का काम तो अच्छा किया है। चाहे कुछ लोग इसे राजनीतिक नाटक कह रहे हैं, लेकिन बहुत अच्छा होता मुख्यमंत्री यह भी कहते कि शराब नशा है और शराब से समाज का सारा ताना बाना टूट जाता है। परिवार बिखर जाते हैं। परिवारों की गरीबी और क्लेश शराब के कारण है। इससे भी अच्छा यह होता कि जितने बच्चे इस कार्यक्रम में लाए गए थे या बुलाए गए थे उनसे भी पूछते कि किस—किस के परिवार में पिता—भाई या अन्य रिश्तेदार शराब पीते हैं। उससे कितना नुकसान उनके परिवारों को हो रहा है और बच्चों को कितनी कठिनाइयां उस परिवार में आती हैं जिसके मुखिया शराबी हैं। जब तक सरकार शराब को नशा नहीं मानेगी नशा बंदी का नाम लेना भी ठीक नहीं। ये कहना है पूर्व में पंजाब की मंत्री रही श्रीमती लक्ष्मीकांता चावला का।
यह तो अच्छा है कि मुख्यमंत्री ने यह कार्यक्रम गुरुद्वारा में करवाया, पर अफसोस है कि वे रात बिताने के लिए किसी पांच सात तारा होटल का ही अपने लिए प्रबंध करवाते हैं। क्या हमारे इतने बड़े गुरुद्वारा की किसी भी सराय का कोई कमरा ऐसा नहीं जो उनके रहने के लिए सही हो। पिछले कार्यक्रम में भी ताज होटल पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए और वे रुपये जनता का पैसा है। किसी की अपनी कमाई नहीं। मुझे ऐसा लगता है कि आज के शासकों को डाक्टर राजेन्द्र प्रसाद, श्री लाल बहादुर शास्त्री, डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, श्री गुलजारी लाल नंदा आदि के जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए और सादगी का जीवन व्यतीत करना चाहिए।
कम से कम जनता के पैसे को वे अपनी सुख सुविधा के लिए खर्च न करें।

0 Comments