Thursday, 23 April 2026
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277 ऐसे मतदान केन्द्र थे जहां मत प्रतिशतता कम दर्ज की गई

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शिमला, (विजयेन्दर शर्मा) मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि प्रदेश में 2017 में सम्पन्न विधानसभा चुनावों के दौरान 277 ऐसे मतदान केन्द्र थे जहां मत प्रतिशतता कम दर्ज की गई थी और इसी के दृष्टिगत निर्वाचन विभाग द्वारा विधानसभा चुनाव-2022 के लिए उत्सव (यूनिवर्सल ट्रांसपेरेंट इलेक्शन थ्रू सिस्टमिक अवेयरनेस ऑफ वोटर्स) तथा मतदाता जागरूकता गतिविधियों (स्वीप) के तहत आरम्भ किए गए मिशन-277 अभियान के तहत इन 277 मतदान केंद्रों में 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
निर्वाचन विभाग द्वारा इन मतदान केंद्रों की पहचान के बाद इनमें हुए कम मतदान के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत विश्लेषण किया गया। कुछ कारण जो सामने आए, वे थे प्रवासी आबादी, स्थानीय मुद्दों के कारण चुनावों का बहिष्कार, युवा एवं शहरी उदासीनता तथा अन्य राज्यों से संबंधित केंद्र सरकार के कर्मचारियों की मतदान के प्रति उदासीनता। इसके अतिरिक्त अन्य राज्यों में काम कर रहे हिमाचल के मतदाता, प्रतिकूल मौसम की स्थिति, विवाह-शादियों का आयोजन तथा चुनाव के दौरान फसल कटाई का समय जैसे भी अन्य प्रमुख कारण थे।
इन सभी उपायों को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन विभाग ने 2022 के विधानसभा चुनाव में जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए जबकि विभिन्न स्तरों पर नियमित बैठकें करने के अतिरिक्त जिला चुनाव अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा खण्ड स्तर के अधिकारियों द्वारा सम्बन्धित क्षेत्रों के व्यक्तिगत दौरे किए गए । इसके साथ ही बूथ स्तर पर मतदाताओं को जागरूक करने के विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई तथा साक्षरता क्लबों, चुनाव पाठशालाओं की सक्रियता से भी लोगों को मतदान के प्रति जागरूक किया गया ताकि कम मत प्रतिशतता वाले इन मतदान केन्द्रों में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि इन 277 मतदान केंद्रों में पिछले चुनावों की अपेक्षा छह प्रतिशत अधिक मतदान दर्ज किया गया। 277 में से 198 मतदान केंद्रों में उच्च मतदाता प्रतिशतता दर्ज की गई । 57 केंद्रों में 10 प्रतिशत से अधिक, 10 केंद्रों में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी तरह दो मतदान केंद्रों पर 30 प्रतिशत से अधिक, दो मतदान केंद्रों पर 40 प्रतिशत तथा जबकि चार मतदान केंद्रों पर 50 प्रतिशत से अधिक मतदान प्रतिशतता दर्ज की गई।