Sunday, 19 April 2026
Breaking News
गुरप्रीत कौर बनीं वीजी मिसेज इंडिया ग्लोबल आइकन फिनेस्स-2026 की उपविजेता महिला कांग्रेस नेत्री ममता डोगरा ने प्रधानमंत्री पर तीखा निशाना साधा, कहा पहले से पारित महिला कांग्रेस आरक्षण बिल लागू क्यों नहीं किया हर संकट में मददगार बन जाती हैं दुआएं क्योंकि दुआएं कमाना ही जीवन की सच्ची कमाई है : बीके उषा दीदी नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने से अधिक समावेशी और समतावादी समाज का निर्माण होगा : मोनिका भारद्वाज डॉ. नागपाल की नवीनतम पुस्तक का विमोचन 20 अप्रैल को  हरीश गर्ग को फिर से कैट के राष्ट्रीय सचिव एवं चण्डीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी विपुल गोयल और कंवर पाल गुर्जर को पंचकूला नगर निगम चुनाव की ज़िम्मेदारी अभी ना जाओ छोड़ कर ........ वृिद्धम ने किया मेगा फ्री एस्ट्रो कंसल्टेशन इवेंट का भव्य आयोजन विद्यार्थी अपनी क्षमता को पहचाने और दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करें : डॉ. अनीता खोसला
हिमाचल Trending

प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजे हेतु केन्द्र ने किया केन्द्रीय दल गठित

Read in:Hindi

शिमला, फेस2न्यूज:
राजस्व एवं आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के प्रवक्ता ने बताया कि केन्द्र सरकार ने प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए संयुक्त सचिव गृह मंत्रालय भारत सरकार, सुनील कुमार बर्नवाल की अध्यक्षता में केन्द्रीय दल का गठन किया है। प्रदेश सरकार ने 23 अगस्त, 2022 को केन्द्र सरकार से अन्तर मंत्रालय केन्द्रीय दल भेजने का आग्रह किया था।
केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश सरकार के आग्रह को स्वीकार करते हुए सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में मानसून के दौरान ही केन्द्रीय दल के भेजने बारे निर्णय लिया गया है। इससे प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का आकलन समय पर होने के साथ ही प्रदेश को केन्द्रीय आपदा मोचन निधि की अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता प्राप्त होगी जिससे प्रदेश में मानसून प्रभावित लोगों को समुचित राहत सहायता राशि उपलब्ध करवाई जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान मानसून में भारी वर्षा, भूस्खलन और बादल फटने की अनेक घटनाएं हुई है, जिसमें 258 लोगों की अमूल्य जानें चली गई और 10 लोग अभी भी लापता हैं। इस आपदा के कारण 270 मवेशी मारे गए तथा 1658 रिहायशी मकान, दुकानों , गौशालाएं व घराट इत्यादि क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस दौरान प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों, ग्रामीण सड़कों, पेयजल योजनाओं व विद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान हुआ है। इस मानसून के दौरान प्रदेश में अब तक 1367.33 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया जा चुका है और यह प्रक्रिया आकलन निरन्तर जारी है।