मैंने कभी किसी से एक रुपया लिया हो तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जाँच करवाई जा रही है कि यह मामला है क्या जाँच में चाहे कोई पार्टी का वर्कर हो या उनका परिवार का मेंबर, जिसका भी नाम आएगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
(MOREPIC2)पिंकी सैनी/डेराबस्सी
यहां के आम आदमी पार्टी के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा के पीए द्वारा कथित तौर पर एक लाख रुपए मांगने के मामले में विरोधियों के निशाने पर आए विधायक ने शुक्रवार को चुप्पी तोड़ी और कहा, उनका नितिन नाम का कोई पी.ए नहीं है। वहीं इस मामले में बलटाना चौकी से सोहाना थाने में ट्रांसफर हुए थानेदार बरमा सिंह ने भी लिखकर दिया है कि उससे किसी ने रिश्वत नहीं मांगी।
विधायक ने अपनी वीडियो जारी कर इस सारे मामले पर अपनी सफाई देते हुए कहा, शिकायतकर्ता मानसिक रोगी है।
थानेदार ने कहा, किसी ने पैसा नहीं मांगा
(SUBHEAD)विधायक कुलजीत रंधावा ने कहा कि थानेदार ने बयान दिया है कि मुझसे कोई पैसा नहीं मांगा गया, न मुझे एमएलए का फोन आया और न ही कोई नितिन नाम का व्यक्ति मेरे पास आया। दूसरी तरफ शिकायत करने वाला धवन मानसिक रोगी है। नितिन नाम के उनके साथ पार्टी में 5-7 लोग हैं। कोई चाहे तो पंजाब विधानसभा का रिकॉर्ड चेक कर ले, नितिन नाम का मेरा कोई पीए नहीं है।
रंजिश होती तो दूर ट्रांसफर करवाता
विधायक कुलजीत रंधावा ने कहा कि थानेदार बरमा सिंह सोहाना थाने में तैनात है। अगर मेरी कोई रंजिश होती तो उसका जिले से बाहर तबादला करवाता। सोहाना थाने में तैनाती के लिए तो पुलिस कर्मचारी सिफारिशें लगाते हैं। मेरा 35 साल का राजनीतिक कॅरिअर है। मैंने कभी किसी से एक रुपया लिया हो तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जाँच करवाई जा रही है कि यह मामला है क्या जाँच में चाहे कोई पार्टी का वर्कर हो या उनका परिवार का मेंबर, जिसका भी नाम आएगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
क्या है मामला?
गौरतलब है कि बीते दिन आम आदमी पार्टी के जिला व्यापार मंडल के ज्वाइंट सेक्रेटरी विक्रम धवन ने विधायक के कथित पीए द्वारा चौकी इंचार्ज से पैसे मांगने के आरोप लगाए थे। जिसकी शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा जारी किए एंटी क्रप्शन हेल्पलाइन नंबर पर की थी ।
विक्रम धवन निवासी सिंह वार्ड नंबर -4 बलटाना ने आरोप लगाया था कि जब बरमा सिंह बलटाना चौकी इंचार्ज थे तो उनका एक मामला थाने में चल रहा था। इस बीच बरमा सिंह को अचानक चौकी इंचार्ज से हटाकर जीरकपुर थाने में ट्रांसफर कर दिया गया। विक्रम धवन ने बरमा सिंह को कॉल कर अपने केस के बारे में जानकारी लेने के लिए कॉल की तो बरमा सिंह विक्रम धवन को केस की जानकारी देने के बाद विधायक के कथित पीए द्वारा पैसे मांगने कि बात कही।
इस बातचीत की आडियो रिकार्डिंग विक्रम धवन के पास मौजूद है जो उन्होंने अपनी शिकायत के साथ सबूत के तौर पर भेजी है। धवन यह भी दावा कर रहा है कि उसके पास इस आरोप से संबंधित अन्य दस्तावेज भी हैं जो वह समय आने पर दिखाएगा। यह आडियो रिकार्डिंग सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।