(MOREPIC1)जीरकपुर, कृतिका:
इमीग्रेशन कंपनी चलाने वाली क्रिस्पी खैहरा ने सोशल मीडिया पर अपनी वीडियो वायरल कर आईजी रेंक के अधिकारी पर उसके और उसके पति पर झूठे पर्चे करवाने के आरोप लगाए हैं। वहीं आई जी के खिलाफ अपने पद का गलत इस्तेमाल करने और उसके पति को फंसाने कि नियत से कई झूठे पर्चे करवाने का आरोप भी लगाया है।
क्रिसपी खेहरा ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री भगवंत मान को गुहार लगाई है कि उसको और उसके परिवार को आईजी रेंक के अधिकारी से जान का खतरा है। जिसकी विजीलेंस जांच करवाई जाए और उनके ऊपर किए गए झूठे पर्चो की भी उच्च स्तर पर विजिलेंस जांच करवाई जाए। क्योंकि छोटे अधिकारियों को वह अपने पद का इस्तेमाल कर दबा लेते हैं। सोशल मीडिया के जरिए क्रिसपी खेहरा ने यह भी कहा कि उनके एक केस में एसआईटी द्वारा जो रिपोर्ट बनाई गईं थी जिस में वह बेकसूर साबित हो रहे थे उसे आईजी रेंक के अधिकारी ने वह फाइल ही गायब करवा दी, जिसकी उन्होंने आरटीआई से कॉपी निकलवा ली थी जो उनके पास अभी भी मौजूद है।(SUBHEAD)
वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो क्रिस्पी खैहरा व दविंदर गिल पर धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं और हाल ही में दविंदर गिल सेक्टर-17 चंडीगढ़ में दर्ज हुई एक एफआइआर में जेल में बंद है।
वायरल विडियो में क्रिस्पी खेहरा ने आरोप लगाया है कि तीन महीने पहले चंडीगढ़ पुलिस पर दबाव बनाकर उसके पति को झूठे मामले में फंसाया गया। जबकि किसी चार्जशीट व सप्लीमेंटरी चालान में उसके पति दविंदर का नाम नहीं है। क्रिस्पी का आरोप है कि जब आईजी रैंक का अधिकारी बीओआई (ब्यूरो आफ इन्वेस्टीगेशन) में तैनात था तो उन्हें अलग-अलग केसों में समन भेजे गए। आईजी रैंक के अधिकारी व उसका सीबीआई कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। उस पर केस वापस लेने का दवाब बनाया जा रहा है। जब वह समझौता नहीं कर रही तो उस पर व उसके पति पर झूठे मामले दर्ज करवाए जा रहे हैं। 8 साल पुरानी एफआइआर जिसमें उसका कोई लेना देना नहीं है उसमें भी उसे नामजद किया गया है।
एडीजीपी रैंक के अधिकारी को एसआइटी में शामिल करने की मांग
क्रिस्पी ने कहा डीजीपी से आग्रह के बाद उसके मामले में एसआइटी बनाई गई थी। लेकिन जो अधिकारी जांच के लिए एसआईटी में शामिल किए गए हैं उनमें लोअर रैंक के अधिकारी थे,जो उनके प्रेशर में सही रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाए। जिस कारण उन्हें इंसाफ नहीं मिल पा रहा। क्रिस्पी ने मामले की जांच एडीजीपी रैंक के अधिकारी से करवाने की मांग की है ताकि बिना किसी दवाब के जांच हो सके। क्रिस्पी का आरोप है कि जेल में बंद उसके पति को अब भी धमकियां आ रही है, उन्हें खुदकुशी करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
क्या कहना है ठगी के शिकार लोगों के वकील का
(MOREPIC2)ठगी के शिकार लोगों के वकील वरिंदर सिंह के मुताबिक देवेंदर व क्रिस्पी पिछले 10 साल में सात कंपनियां बना कर फ्रॉड पर फ्रॉड किये जा रहें हैं ओर इनके खिलाफ चण्डीगढ़ समेत सात राज्यों की पुलिस में कई मल्टीपल एफआईआर दर्ज हैं परन्तु पंजाब पुलिस के असहयोगी रवैये के चलते प्रोडक्शन वारंट भी तामील नहीं हो पा रहे। यहां तक कि पंजाब पुलिस को कोर्ट का भी कोई खौफ नहीं है क्योंकि उसे कोर्ट में भी पेश नहीं किया जा रहा बल्कि पिछली 23 जून को तो पंजाब पुलिस के मुलाजिम देवेंदर को कोर्ट में पेश करने के बजाए उसके घर ले गए। इसका वीडियो सामने आने पर दो पुलिस वाले सस्पेंड किये गए।
वरिंदर सिंह के मुताबिक कहने को देवेंदर रोपड़ जेल में बंद है परन्तु जेल अधिकारियों की मदद से पिछले 92 दिनों से रोपड़ सिविल अस्पताल में फीजियोथेरैपी के नाम पर कथित तौर पर वीवीआईपी सुविधाओं का आनंद ले रहा है। आरटीआई से मिली जानकारी से इसका खुलासा हुआ है। उन्होंने बताया कि इस ठग दम्पति ने चण्डीगढ़ समेत सात राज्यों के 700 बच्चों से करोड़ों रुपए ऐंठ रखे हैं, जिनमें से 250 बच्चों को न्याय दिलाने के लिए वे इस केस से जुड़े हैं।