जीरकपुर, कृतिका:
खुलेआम सट्टा और जुए का खेल चल रहा है। शाम होते ही सट्टा लगना शुरू हो जाता है व देर रात तक चलता है। खुलेआम चल रहे इस कारोबार पर न तो पुलिस की नजर है और ना ही वह इस पर लगाम कसने का प्रयास कर रहे हैं। यही वजह है कि यह कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोग कई बार पुलिस को शिकायत देकर इस पर प्रतिबंध लगाने की फरियाद लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं। इस बात को लेकर नगरवासियों ने पुलिस के प्रति भारी रोष व्यक्त किया है।
दरअसल, रामलीला ग्राउंड की बैक साइड, पुरानी सब्जी मंडी व बरवाला रोड पर पर्ची व ताश के पत्ते के सहारे सट्टे का खेल लंबे समय से चल रहा है। सट्टे के इस बाजार में जाने वाला हर व्यक्ति अपनी जेब ढीली कर रहा है। दिनों दिन बढ़ते इस कारोबार में सट्टा संचालक मोटी रकम हासिल कर रहे हैं, जिन्हें पुलिस का जरा भी खौफ नहीं है। बढ़ते सट्टे व जुए के कारोबार के चलते आस पास के लोग काफी परेशान हैं। उनका आरोप है कि अगर इन लोगों के खिलाफ कुछ कहा जाता है तो वो जान से मारने की धमकी देते हैं। कई बार स्थानीय लोग सट्टा संचालकों के खिलाफ पुलिस में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग कर चुके है, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नही हुई है। निवासी बीर सिंह, देवी राम, सलमान, हिमांशु, विनय, सुरेश कुमार, मनीदर , मंगतराम, उदय सिंह, जोगिंद्र, सुरेंद्र, महेश, प्रेम, पुष्कर सोनी व रवि कुमार आदि का कहना है कि सट्टे व जुए के गोरखधंधे में पुलिस इन सट्टेबाजों पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रही है। मोहल्ले में सट्टा खेलने का गोरखधंधा दिनों दिन फल फूल रहा है। वार्ड वासियों का आरोप है कि शरारती तत्व शराब पीकर सट्टा लगाने आते है। जिसकी वजह से वे परेशान हैं। सट्टे के कारण युवकों पर जहां बुरा प्रभाव पड़ रहा है। वहीं शराब के नशे में धुत ये लोग गालियां भी देते हैं। इससे महिलाएं भी परेशान हैं। जरूरत पडऩे पर वह घरों से निकलने में संकोच करती है।
मैं पुलिस रेड पर बाहर आया हूं। आप मेरे ध्यान में लेकर आए हो मैं चक करवा लेता हूं।
— जसकंवल सिंह, एसएचओ