डकैती से पहले मौके की तलाश में डेढ़ घंटे तक कार्यालय में बैठे रहे आरोपी
डेरा बस्सी (पिंकी सैनी)
शहर में दिनदहाड़े प्रापर्टी डीलर हरजीत नागपाल के कार्यालय से एक करोड़ रुपये की लूट के मामले में 36 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। घटना के मास्टरमाइंड रंजोध सिंह निवासी जीरा, रेलवे विहार सोसाइटी, वीआईपी रोड, जीरकपुर को पुलिस ने शुक्रवार उसके फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया था, बाकी जने अभी तक पुलिस पकड़ नहीं पाई है।
दूसरी ओर जिस फल विक्रेता मोहम्मद साबिर को गोली लगी थी, की हालत चंडीगढ़ पीजीआई में खतरे से बाहर बताई जा रही है। गोली उसके सिर के बायीं ओर लगी। गिरफ्तार रंजोध सिंह को शनिवार अदालत में पेश कर उसका पांच दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
पुलिस जांच में पता चला कि लूट का मास्टरमाइंड रंजोध सिंह और उसका एक साथी मनिंदर सिंह अमृतसर निवासी था। दोनों जीरकपुर सोसाइटी के फ्लैट में एक साथ रहते थे।
(SUBHEAD)(MOREPIC1) रंजोध और मनिंदर कई दिनों से संपर्क में थे कि वीआईपी रोड पर उस प्रॉपर्टी डीलर को सस्ता शोरूम मुहैया बातचीत चल रही थी, जो पहले भी कई बार ऑफिस आ चुका था। 9 जून को रंजोध, मनिंदर और उनके दो साथी भी ऑफिस में रेकी करने आए। बयाना देने के लिए आने वाले लोग गुरुग्राम से आने वाले थे, ऐसा आरोपियों ने कहा था।
मास्टरमाइंड रंजोध सिंह के पिता परगट सिंह जीरा में आढ़ती है, जिनका वहां अच्छा रुतबा है। ।
डीएसपी गुरबख्शीश सिंह ने बताया कि लूट की पूरी साजिश रंजोध और मनिंदर ने रची थी जिसमें उनके अन्य साथी शामिल थे। पुलिस की अलग अलग टीमें आरोपियों को पकड़ने में जुटी हुई हैं।