जीरकपुर, कृतिका:
जीरकपुर नगर परिषद में शहर के बिल्डर्स की बकाया फीस को लेकर मीटिंग की गई। इसमें अधिकतर बिल्डर्स बुलाए गए। पंजाब सरकार के लोकल बॉडीज विभाग को जीरकपुर के कई बिल्डर्स ने फीस चुकानी है, जो करीब 200 करोड़ से ज्यादा है। इस बात को लेकर ज्वॉइंट एक्शन कमेटी की ओर से लोकल बॉडीज विभाग को शिकायत दी गई। इसके बाद जीरकपुर एमसी के ईओ ने शहर के बिल्डर्स को मीटिंग में बुलाया। मीटिंग में एडीसी पूजा स्याल मौजूद रहीं। उन्होंने बिल्डर्स से कहा कि बकाया रकम एमसी में जल्द जमा कराएं। एडीसी ने कहा कि उनके संज्ञान में यह बात आई थी कि जीरकपुर के बिल्डर्स के पास एमसी के टैक्स के करोड़ों रुपए बकाया हैं। इसलिए उनको टैक्स जमा करने के लिए कह दिया है। (SUBHEAD)
इस मामले में ज्वॉइंट एक्शन कमेटी के सुखदेव चौधरी ने कहा कि एमसी के अधिकारियों ने उन्हीं बिल्डर्स को मीटिंग में बुलाया, जिन्होंने टैक्स जमा कर रखा है। अपनी छवि साफ रखने और डिफॉल्टर बिल्डर्स को बचाने के लिए एमसी के अधिकारियों ने यह सारी चापलूसी की है। जिनका बकाया है, उनमें से कइयों को नहीं बुलाया गया। हालांकि एमसी के अधिकारियों ने कहा कि हमने सभी बिल्डर्स को बुलाया। कोई नहीं आया होगा तो कहा नहीं जा सकता। लेकिन मीटिंग में सभी को आने के लिए कहा गया था। एडीसी पूजा स्याल ने बताया कि सभी बिल्डर्स को बुलाया गया था। जिन्होंने टैक्स नहीं जमा कराया, उनको जल्दी टैक्स जमा करने को कह दिया गया है।
आदेश: अवैध कॉलोनी नहीं बननी चाहिए
एडीसी ने जीरकपुर एमसी के ईओ गिरीश वर्मा से कहा कि शहर में अवैध निर्माणों पर सख्ती से कार्रवाई करें। कोई भी अवैध कॉलोनी नहीं बननी चाहिए। पिछले दिनों भी एडीसी के आदेश पर शहर की कुछ कॉलोनियों में कार्रवाई की गई थी। इस दौरान एडवर्टाइजमेंट पॉलिसी, प्रोजेक्ट में एसटीपी चालू करने और बिल्डर्स के पेंडिंग इंडीसी और प्रॉपर्टी टैक्स को जमा करने के आदेश दिए गए ताकि भविष्य में आने वाली समस्याओं से बचा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बिल्डर्स को नक्शों में बदलाव करने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।