Tuesday, 23 June 2026
Breaking News
रामायण कुशवाहा प्रदेश महासचिव ने रमेश कुमार राजभर को शहीद उधम सिंह जिला का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया विश्व संगीत दिवस पर सजा सुरों का उत्सव, कलाकारों ने बिखेरा संगीत का जादू कमांडेंट कमल सिसोदिया ने अधिकारियों एवं जवानों को योगासन, प्राणायाम तथा माइंड योग का अभ्यास कराया राहुल देव बरमन को समर्पित संगीतमयी शाम 28 जून को गवर्नमेंट कॉलेज ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह के साथ मनाया हरियाणा लोक भवन में उत्साहपूर्वक मनाया गया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस योगमय वातावरण से सराबोर हुआ सेक्टर-17, गूंजे स्वास्थ्य और साधना के मंत्र दूसरा 'स्वर्गीय रतन लाल कटारिया मेमोरियल नॉर्थ ज़ोन अंडर-14 कंबाइंड बॉयज़ एंड गर्ल्स क्रिकेट टूर्नामेंट' 24 जून से पंजाब के किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए सिर्फ जागरूकता नहीं, बल्कि उन्हें सही समय पर प्रेरित करने की जरूरत: सीईईडब्ल्यू रिपोर्ट शरीर को सुखी कैसे रखें : डॉक्टर सुखराज सिंह
चंडीगढ़ Trending

सरकारी वाणिज्य एवं व्यापार प्रशासन महाविद्यालय, सेक्टर-50, चंडीगढ़ एनएसएस एलुमनी ने आयोजित किया ओरिएंटेशन सत्र

Read in:Hindi

(MOREPIC1)    दीपक सिंह /चंडीगढ़ 

सरकारी वाणिज्य एवं व्यापार प्रशासन महाविद्यालय, सेक्टर-50, चंडीगढ़ की एनएसएस एलुमनी द्वारा प्राचार्या प्रोफेसर डॉ. निशा अग्रवाल, डीन डॉ. संगम कपूर एवं उप-प्राचार्य डॉ. अमरप्रीत सिंह सिज्जेर के मार्गदर्शन में एक प्रेरणात्मक ओरिएंटेशन सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य प्रथम वर्ष के छात्रों को एनएसएस की महत्ता, उसके उद्देश्य एवं “विकसित भारत” के अंतर्गत भारत पोर्टल की उपयोगिता से अवगत कराना था ताकि वे सेवा, नेतृत्व और सीखने की इस अद्भुत यात्रा की ओर प्रेरित हो सकें।

इस कार्यक्रम का संचालन कॉलेज की पूर्व एनएसएस स्वयंसेविका एवं पाँच वर्षों तक एनएसएस से जुड़ी रहीं सुश्री श्रेया दत्त द्वारा किया गया। उन्होंने छात्रों को एनएसएस के तथ्यात्मक पहलुओं के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि एनएसएस न केवल समाज सेवा का माध्यम है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, नेतृत्व विकास, नागरिक जिम्मेदारी, सहानुभूति एवं टीम भावना का भी प्रतीक है। इसका प्रतीक चिन्ह एवं उद्देश्य निरंतर सेवा, ऊर्जा एवं सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाते हैं। एनएसएस केवल एक योजना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक निःस्वार्थ यात्रा है।

उन्होंने बताया कि कैसे सफाई अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर जैसे कार्यक्रमों में भागीदारी ने उनके जीवन को बदल दिया। इसके साथ ही विशेष शिविरों, राष्ट्रीय एकता शिविरों एवं युवा महोत्सवों ने उनके नेतृत्व कौशल को भी निखारा और सेवा भावना को जीवनभर के लिए मजबूत किया।