दीपक सिंह
इंसानी जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अंग है इंसान की सेहत भारतीय दर्शनशास्त्र में कहते हैं पहला सुख निरोगी काया और इस काया को सुरक्षित और निरोगी रखने के लिए तथा मौसम की मार से बचाने के लिए भारतीय आयुर्वेद में बहुत सारे नुस्खे दिए गए हैं, इन्हीं के साथ मौसम को झेलने की क्षमता बढ़ाने के भी तौर तरीके बताए गए हैं इन्हीं नुस्खे और तौर तरीकों को सुखराज सिंह बता रहे हैं खानदानी वैद और आयुर्वेदिक डॉक्टर साहब कैसे गर्मियों में अपने आप को दुरुस्त रख सकते हैं-
उनका कहना है कि तरल पदार्थ: सादे पानी के अलावा नारियल पानी, छाछ, लस्सी, और नींबू पानी का नियमित सेवन करें। हाइड्रेटिंग फूड्सः तरबूज, खरबूजा और खीरा जैसे मौसमी फल और सब्जियां खाएं, जिनमें 90% से अधिक पानी होता है।
हीट स्ट्रोक (लू लगना) के लक्षणों को पहचानें, लू के लक्षणों की समय पर पहचान किसी की जान बचा सकती है। यदि आपको या परिवार में किसी को तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी या जी मिचलाना, और तेज धड़कन जैसी समस्या हो, तो यह हीट एग्जॉशन के लक्षण हो सकते हैं। यदि स्थिति बिगड़ती है और शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाता है या बेहोशी आने लगती है, तो यह ‘हीटस्ट्रोक’ है। ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत ठंडी या छायादार जगह पर ले जाएं, ठंडे पानी की पट्टियां रखें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
खान-पान और स्वच्छता का रखें ध्यान ” गर्मी के मौसम में बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग और पेट की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए हमेशा ताजा, हल्का और घर का बना खाना ही खाएं। सड़क किनारे मिलने वाले कटे हुए फल या असुरक्षित कच्चे खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।
यात्रा के दौरान केवल उबला हुआ, फिल्टर किया हुआ या सीलबंद बोतल का पानी ही पिएं।
सुरक्षित रहें, खुश रहें: गर्मी की छुट्टियों में सेहत का खास ख्याल रखें,धूप से बचें, दोपहर में बाहर न निकलें
हाइड्रेशन को दें पहली प्राथमिकता : गर्म मौसम में शरीर से पसीना तेजी से निकलता है, जिससे पानी की कमी हो सकती है। प्यास लगने का इंतजार न करें और दिनभर लगातार पानी पीते रहें।