Saturday, 12 September 2026
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आयुर्वेद के पुनर्जागरण से नई पीढ़ी जुड़े: गुलाब चंद कटारिया

चण्डीगढ़ : पंजाब के राज्यपाल एवं चण्डीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि भारत की समृद्ध आयुर्वेदिक विरासत को संरक्षित करने के साथ ही युवा पीढ़ी को औषधीय पौधों संबंधी प्राचीन ज्ञान-परंपरा से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने पर्यावरणीय उत्तरदायित्व तथा समाज को प्रकृति से पुनः जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में, जितेंदर वीर सर्वहितकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मोहाली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में महर्षि चरक जी की प्रतिमा का अनावरण के उपरांत विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने सर्वहित त्रिफला के उत्पादन का शुभारंभ, हर्बल हर्बेरियम का उद्घाटन के साथ स्कूल परिसर में हर्बल गार्डन एवं नर्सरी का भ्रमण किया। महामहिम ने औषधीय एवं हर्बल पौधों की विविधता में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि इस उद्यान को एक जीवंत कक्षा के रूप में विकसित किया गया है, जो विद्यार्थियों को औषधीय पौधों, उनके पारंपरिक महत्व तथा भारत की वानस्पतिक संपदा के संरक्षण के महत्व के बारे में सीखने का अवसर प्रदान करता है।

राज्यपाल ने हर्बेरियम का भी भ्रमण किया, जिसमें बीज, पत्तियाँ, फूल, जड़ें एवं अन्य पादप नमूनों का बहुमूल्य संग्रह है। उन्होंने कहा कि यह हर्बेरियम आयुर्वेद एवं औषधीय पौधों के क्षेत्र में विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा शोधकर्ताओं के लिए अनुसंधान संसाधन के रूप में कार्य कर सकता है। महर्षि चरक जी के कालजयी योगदान की चर्चा करते हुए महामहिम ने बल दिया कि ऋषि चरक की शिक्षाओं एवं वैज्ञानिक योगदान को विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

राज्यपाल ने हर्बल गार्डन एवं हर्बेरियम की स्थापना और उसे संवारने में ओम प्रकाश मनौली के समर्पित प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने इस पहल को औषधीय पौधों के समृद्ध पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने तथा विद्यार्थियों को आयुर्वेद की अमूल्य विरासत से परिचित कराने का सार्थक प्रयास बताया।

उन्होंने भरोसा जताया कि ऐसी पहलें आगामी पीढ़ियों को आयुर्वेद के क्षेत्र में ऋषि चरक के कालजयी ज्ञान एवं अग्रणी योगदान से सीखने तथा उसे आगे बढ़ाने हेतु प्रेरित करेंगी। महामहिम ने जितेंदर वीर सर्वहितकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मोहाली में इस सुंदर एवं नवोन्मेषी शिक्षण मंच के निर्माण हेतु विद्या भारती उत्तर क्षेत्र तथा विद्या भारती पंजाब के संयुक्त एवं समर्पित प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की।