Friday, 11 September 2026
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‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का गठन, बधाई

मनमोहन सिंह ‘दानिश’

मैने कल कॉकरोच को सम्मान देने वाली की बात क्या लिख दी आज इनके सम्मान में एक राजनीतिक पार्टी खड़ी हो गई। इसका मुझे कतई अंदाज़ा नहीं था कि लोग कॉकरोच को इतना सम्मान दे देंगे कि उसके नाम पर एक राजनीतिक पार्टी बना डालेंगे।

वैसे तो पहले ही देश के लोकतांत्रिक परिदृश्य पर कई ऐसे दल और नेता हैं जो ‘कॉकरोच’ की परिभाषा के तहत ही आते हैं। बिना किसी विचारधारा के कुकुरमुत्तों की तरह उगने वाले दल और नेता इसी कैटिगरी में आते हैं। असल में यह पार्टी एक आईना है समाज के लिए। अगर इनके घोषणापत्र की बात करें तो उसमें आप को वे सभी बातें मिलेंगी जिसकी ख्वाहिश आज देश का हर नागरिक करता है।

इनका मैनिफेस्टो कहता है कि सुप्रीम कोर्ट के किसी भी भी जज को उसकी रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा भेजने पर रोक हो। अब भला एक रिटायर आदमी की रोज़ी रोटी छीनने पर आमादा है यह पार्टी। यह पार्टी किसी भी मतदाता का सही वोट काटने पर चुनाव आयोग के प्रमुख के खिलाफ देशद्रोह का मामला चलाने की गारंटी देती है। बताओ अब इलेक्शन कमिश्नर अपनी मर्ज़ी से 20- 25 लाख वोट भी नहीं काट सकता। बहुत नाइंसाफी है चुनाव आयोग के साथ।

कॉकरोच जनता पार्टी महिलाओं को 33 नहीं अपितु 50 फीसद आरक्षण देने का वादा करती है और वह भी लोकसभा की सीटें बढ़ाए बिना। इस पार्टी का यह भी कहना है कि दलबदल के ‘धंधे’ पर रोक के लिए किसी भी दल के टिकट पर चुनकर आए सदस्य अगर उस पार्टी को छोड़ते हैं तो उन पर 20 तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा देनी चाहिए।

पार्टी टीवी चैनल्स को भी पूंजीपतियों के चंगुल से निकल कर स्वतंत्र पत्रकारिता को आगे बढ़ाना चाहती है। बताओ वे ऐंकर या तथाकथित पत्रकार जो आकाओं के दम पर लाखों रुपए वेतन लेकर अपनी रोज़ी रोटी चला रहे हैं वे बेचारे कहां जाएंगे। उन्हें तो कोई दिहाड़ी पर भी नहीं रखेगा। क्योंकि वे बेचारे पत्रकार तो हैं ही नहीं।

इस पार्टी को बनाने का काम किया है अभिजीत टिपके ने। ध्यान रहे टिपके आम आदमी पार्टी को बनाने वालों में भी शामिल थे। पार्टी का दावा है कि पिछले दो दिनों में उनकी पार्टी में कई बड़े नेताओं सहित 40 हजार लोग शामिल हो चुके हैं। यह गिनती दिखाती है कि लोग क्या सोचते हैं।
किसने सोचा था कि कॉकरोच पूरी व्यवस्था पर भारी पड़ जाएंगे। अब देखना यह है कि क्या इस पार्टी के संस्थापक इसे एक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत करते हैं या यह केवल सोशल मीडिया तक सीमित रहती है।