Tuesday, 22 September 2026
Breaking News
बांग्लादेश में 7 हसीना सहयोगियों को मौत की सज़ा, भारत में शरण पर अटकलें उत्तम संयम धर्म की आराधना के साथ श्रद्धालुओं ने मनाई सुगंध दशमी संस्कृत भाषा में राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त, विद्वान पंडित साधू राम शास्त्री की पुण्यतिथि पर बुजुर्ग शिष्यों ने अपने प्राचार्य को किया नमन अब 1.80 लाख आय वाले परिवारों को भी मिलेगा लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ: मुख्यमंत्री आयुष विभाग ने गांव चक बजीदा (टाहली वाला) में आयोजित किया चिकित्सा शिविर  उत्तम सत्य धर्म की आराधना के साथ श्रद्धालुओं ने मनाया दशलक्षण पर्व का पांचवां दिन  भारत-पाक सीमा पर अब रिट्रीट सैरेमनी सांय 5.30 बजे   उत्तम शौच धर्म की आराधना के साथ श्रद्धालुओं ने मनाया पुष्पदंत भगवान का निर्वाण दिवस श्री चैतन्य गौड़ीय मठ में धूमधाम से मनाई गई राधाष्टमी, राधा रानी का पंचामृत से महाभिषेक किया गया नशे के अड्डे कालोनियों के साथ-साथ शहर के पॉश इलाकों में भी हैं : तरसेम मित्तल
मनोरंजन Trending

ये भी कोई आतंकी हमले थे?

मनमोहन सिंह ‘दानिश’

जनता तो वैसे ही शोर मचाती रहती है। उसे कुछ पता होता नहीं। अरे भाई पुलवामा, पहलगांव, पठानकोट में कभी कोई आतंकी हमला हुआ ही नहीं। यह ऐसा ही है जैसे कभी कोई कोल घोटाला हुआ ही नहीं था पर जनता ने बे वजह शोर मचा दिया। अन्ना साहब बोरिया बिस्तर लेकर मैदान में डट गए। सरकार चली गई। कोई मुख्यमंत्री बन गया तो कोई प्रधानमंत्री। किरणबेदी तो बेचारी राज्यपाल ही बन पाई। पर बाद में पता चला कि कोई घोटाला हुआ ही नहीं था। इसी तरह कोई आतंकी हमला कहीं हुआ ही नहीं।

यह दावा पूरी जिम्मेदारी के साथ देश के गृहमंत्री अमितशाह साहब ने किया है। उन्होंने दावा किया है कि उनकी सरकार के आने के बाद एक भी आतंकी हमला नहीं हुआ। अब देश का गृहमंत्री झूठ थोड़ा बोलेगा। हां अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते संसद पर जो हमला हुआ था वे उसका खंडन नहीं करते। वैसे भी अटल जी से इनका क्या लेना देना। उनकी तो मूर्ति भी इन्होंने ऐसी बनवाई जिसे कहा कि वह काँसे की है पर पहली बरसात में ही सीमेंट के बुत पर चढ़ाया कांसे का रोगन उतर गया और नीचे सीमेंट दिखने लगा।

माननीय गृहमंत्री जी के दावे का मतलब यह है कि पहलगांव, पठानकोट या पुलवामा में जो हुआ, या तो वो हुआ ही नहीं, या फिर वो आतंकवादियों ने नहीं किया था। वो तो कुछ “आम” शहरियों का मन किया कि चलो हम भी आतंकवादी – आतंकवादी खेलते हैं तो खेलने लगे। सरकार ने भी सोचा कि चलो खेलने दो। तभी तो आज तक पुलवामा हमले के आतंकियों की पहचान नहीं हुई। इतना आर डी एक्स लेकर कोई गाड़ी रस्ते में कहां से आई इसका पता नहीं चला। पर एक बात इस अदने से कलमकार की समझ में नहीं आ रही कि अगर वह कोई आतंकी हमला नहीं था तो फिर “सर्जिकल स्ट्राइक” किस पर और क्यों किया गया?

बहुत ही ऊहापोह की स्थिति है। अब माननीय गृहमंत्री के इस दावे को सच माने कि उनके शासनकाल में एक भी आतंकी हमला नहीं हुआ या फिर उस सर्जिकल स्ट्राइक को जो हमारे बहादुर जवानों ने किया, या फिर उस घटना को जिसमें आई एस आई के लोगों को “दावत” देकर पठानकोट बुलाया गया था? समझ में नहीं आ रहा। आपको समझ में आए तो भाई मुझे भी समझा देना।