तीन एनसीसी निदेशालयों के कैडेटों ने ‘चालीस मुक्तों’ की विरासत को जाना, फाजिल्का के युद्ध नायकों को श्रद्धांजलि दी और सुलेमानकी सीमा पर ‘रिट्रीट सेरेमनी’ देखी
लीलाधर शर्मा /फाजिल्का:
एनसीसी निदेशालय पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़ (पीएचएचपी एंड सी) के तत्वावधान में एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, लुधियाना द्वारा 6 पंजाब बटालियन एनसीसी मलोट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल भूपेंद्र सिंह मान की अगुआई में आयोजित किए जा रहे उन्नत नेतृत्व शिविर (एएलसी) के अंतर्गत (पीएचएचपी एंड सी) उत्तराखंड तथा जम्मू एवं कश्मीर निदेशालयों के लगभग 300 कैडेट विभिन्न नेतृत्व विकास गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।
शिविर के सैन्य विरासत और राष्ट्रीय एकता कार्यक्रम के तहत, कैडेटों ने 25 अक्टूबर 2026 को ऐतिहासिक श्री मुक्तसर साहिब गुरुद्वारे का दौरा किया। यहाँ मुख्य ग्रंथी ने उन्हें इसके ऐतिहासिक महत्व और ‘चालीस मुक्तों’ की प्रेरक विरासत से अवगत कराया। इस यात्रा ने साहस, बलिदान, निष्ठा, दृढ़ विश्वास और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने जैसे स्थायी नेतृत्व मूल्यों को रेखांकित किया।
कैडेटों ने फाजिल्का युद्ध स्मारक का भी दौरा किया और भारतीय सैनिकों के शौर्य एवं सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरे ने देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा, निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र के प्रति ज़िम्मेदारी के महत्व को और सुदृढ़ किया।
शाम को, कैडेटों ने सुलेमानकी सीमा चौकी पर ‘रिट्रीट सेरेमनी’ देखी, जहाँ उन्हें देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों के अनुशासन, व्यावसायिकता और समर्पण को करीब से देखने का अवसर मिला।इस विरासत यात्रा ने नेतृत्व, सैन्य इतिहास और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कक्षा के पाठों को साहस, दृढ़ संकल्प और बलिदान के प्रेरक उदाहरणों से जोड़ने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया। इसने कैडेटों में राष्ट्रीय गौरव, एकता और सेवा के प्रति समर्पण की भावना को और अधिक प्रगाढ़ बनाया।