बरनाला में हुए दो सड़क दुर्घटनाओ में तीन किसान महिलाओं की मौत, 41 से ज्यादा किसान घायल
(MOREPIC1)अखिलेश बंसल/बरनाला
शनिवार के सुबह बरनाला जिला की सीमा के अंदर दो विभिन्न सड़क दुर्घटनाओं में तीन किसान महिलाओं की मौत हो गई है, जबकि 41 से ज्यादा किसान घायल हो गए हैं। उनमें से 6 की स्थिति गंभीर है, जिन्हें बठिंडा, लुधियाना पटियाला के अस्पतालों में रेफर किया गया है। शेष का इलाज उपचार बरनाला सिविल अस्पताल में किया जा रहा है।
बरनाला-बठिंडा हाईवे पर हुआ यह हादसा:
(SUBHEAD)दूसरा सड़क हादसा बरनाला-बठिंडा राष्ट्रीय राजमार्ग के बाईपास पर हुआ। जहां भारतीय किसान यूनियन उगराहां की एक बस पलट गई, जिससे करीब 65 वर्षिय तीन किसान महिलाओं (बलवीर कौर पत्नी बंत सिंह, सरबजीत कौर पत्नी सुक्खा सिंह, जसबीर कौर पत्नी जीत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई और कई किसान गंभीर रूप से घायल हो गए। यह सभी किसान बठिंडा जिले के गांव कोठागुरु से हरियाणा जिले के टोहाना में हो रही किसान महापंचायत में भाग लेने के लिए जा रहे थे।
सब जेल के पास हुई पलटी बस:
किसानों को उनके अधिकार दिलाने के लिए मरण व्रत पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के गांव डल्लेवाल से किसान एक वाहन पर सवार होकर खनौरी बॉर्डर पर हो रही किसान महापंचायत में शामिल होने जा रहे थे। बेकाबू होकर वहां टकरा गया, जिससे काफी किसान गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रशासन ने दिखाई फुर्तीः
घटना की खबर मिलते ही प्रशास्निक अधिकारी एसडीएम रिशव बांसल, तहसीलदार राकेश कुमार गर्ग मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उधर सिविल स्पताल से एंबूलेंस भी घटनास्थल पहुंची, जिनकी मदद से मृतकों और घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा सका और वहां इमरजेंसी विंग में मौजूद एसएमओ ज्योति कौशल के नेतृत्व में मौजूद टीम ने युद्ध स्तर पर उपचार करना शुरु कर दिया।
रक्तदानियों की लगी लगी कतारः
गौरतलब हो कि मानवता की सेवा के मद्देनजर अस्पताल में कई समाजसेवी संगठनों के कार्यकर्ता पहुंचे, जिन्होंने घायलों की मदद को रक्तदान करने के लिए हाथ बढ़ाए।
घने कोहरे के कारण हुए हादसे:
पुलिस अधिकारी जसविन्दर सिंह का कहना है कि पुलिस सारे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। लेकिन घटनास्थलो से मिले तथ्यों के मुताबिक दोनों हादसों का कारण कोहरा धुधं और ड्राइवरों की लापरवाही बताया जा रहा है।
मृतक किसानों को मुआवजा:
डिप्टी कमिश्नर बरनाला ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि जिन किसानों की मौत हुई है उनको मुआवजा सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक मिलेगा।