Tuesday, 28 July 2026
Breaking News
गुरु रविदास ट्रॉफी: पहला नॉर्थ जोन गर्ल्स वॉलीबॉल कैश प्राइज टूर्नामेंट 18 अगस्त से पंचकूला में संगरूर में भाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला गौ हत्या बंद कराने और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित कराने एडीसी को दिया ज्ञापन नागा पहाड़ियों में विकास परियोजनाएं और अवैध खनन: असम की बाढ़ त्रासदी का कारण ! सप्त शक्ति कमांड में मनाया गया कारगिल विजय क्या अब धर्मपुर में भी किसी की जान जाने का इंतज़ार है? टी.एस.एम. स्पोर्ट्स चंडीगढ़ विजयी और रनर-अप करनाल नरवाल क्रिकेट अकादमी सफाई सेवकों पर हुए लाठीचार्ज से महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट वरिष्ठ नागरिक ने गमाडा के हाउसिंग प्रोजेक्ट में अनियमितताओं पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की एनडीपीएस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से आरोपी को नियमित जमानत
हरियाणा Trending

कमीशन मामले में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का कार्यकारी अभियंता निलंबित

Read in:Hindi

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
हरियाणा सीएम विंडो पर आई एक शिकायत पर सख्त कार्यवाही करते हुए मुख्यमंत्री ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, डिविजन नंबर-2, सोनीपत के कार्यकारी अभियंता जितेंद्र सिंह हुड्डा को निलंबित कर दिया है और साथ ही उसके विरुद्ध नियम-7 के तहत विभागीय कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यालय से सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों की निगरानी कर रहे मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला सोनीपत के निवासी दीपक, जोकि एक ठेकेदार है, ने सीएम विंडो पर कार्यकारी अभियंता जितेंद्र सिंह हुड्डा के विरुद्ध कोटेशन को सेंक्शन करने के लिए उनसे 20 प्रतिशत एडवांस कमीशन की मांग करने की शिकायत दर्ज करवाई थी। कमीशन न देने पर कोटेशन में मनमाने तरीके से रेट काटने शुरू कर दिए। साथ ही, शिकायत में यह भी बताया था कि जितेंद्र सिंह हुड्डा कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को बिना काम किए ही मोटी रकम का भुगतान करता है।
ओएसडी ने बताया कि उपरोक्त शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मामले की जांच हेतु विभाग द्वारा एक कमेटी गठित की गई और कमेटी की जांच रिपोर्ट में कार्यकारी अभियंता जितेंद्र सिंह के विरुद्ध लगाए गए आरोप सही पाए गए। तदनुसार मुख्यमंत्री द्वारा जितेंद्र सिंह हुड्डा को निलंबित करने के साथ-साथ नियम-7 के तहत विभागीय कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
भूपेश्वर दयाल ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई कार्यवाही से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि प्रदेश में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि इस प्रकार की कोई शिकायत आती है, तो भविष्य में भी ऐसे कड़े कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार और आमजन के बीच सीएम विंडो एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। पारदर्शी व्यवस्था व सुशासन स्थापित करने के लिए सीएम विंडो पर दर्ज होने वाली शिकायतों व समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।