Monday, 15 June 2026
Breaking News
विश्व रक्तदाता दिवस: विश्वास फाउंडेशन ने ट्राईसिटी में किया 164 यूनिट्स रक्त एकत्रित विकास धवन आरएलडी के महासचिव नियुक्त संपूर्ण भारतीय बैरवा विकास संस्था के सैकड़ों सदस्यों ने थामा आरएलडी का दामन म्यांमार राष्ट्रपति की भारत यात्रा: आशा और निराशा के बीच संतुलन की तलाश 20 ग्राम हेरोइन सहित तीन युवक गिरफ्तार, पुलिस ने शुरू की सप्लाई नेटवर्क की जांच  बिजली आपूर्ति बंद रहने से परेशान लोगों ने बिजली दफतर में दिया धरना उत्तराखंड में मिलने वाली 100 वन खाद्य वनस्पति निःशुल्क फाइब्रो स्कैन, मैमोग्राफी एवं स्वास्थ्य जांच शिविर में 152 ने कराई जांच अबोहर में 13 जून को ओबीसी महासम्मेलन रैली आप विधायक की शह पर करोड़ों रुपए की फसलें लूटने का आरोप, मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार
पंजाब Trending

कुल पुलिस फोर्स में से 50 फीसदी कर्मचारी थानों में तैनात करने के आदेश

Read in:Hindi

रूपनगर/लुधियाना/जालंधर/अमृतसर, फेस2न्यूज:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों अनुसार पंजाब को अपराध मुक्त और नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस पंजाब गौरव यादव ने सभी सीपीज़ और एसएसपीज़ को आदेश दिए हैं कि वह पुलिस कर्मचारियों को नान-कोर ड्यूटियों से हटाकर अपने अधिकार क्षेत्र में पडऩे वाले सभी थानों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाएं।
राज्यभर में रेंज स्तरीय बैठकें करते हुए उन्होंने आदेश दिए कि जिलों में तैनात कुल पुलिस कर्मचारियों में से कम से कम 50 फीसदी कर्मचारी पुलिस थानों में तैनात किए जाएँ।
डीजीपी ने अपने क्षेत्रीय दौरे के दौरान रूपनगर, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर समेत चार पुलिस रेंजों को कवर किया और सम्बन्धित पुलिस रेंजों के सीपीज़, आईजीपीज़/डीआईजीज़, एसएसपीज़, गज़टिड अफसरों और एसएचओज़ के साथ अपराध समीक्षा बैठकें की।
उन्होंने आपातकालीन हालातों से निपटने के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एस.ओ.जी.) की तर्ज पर हरेक जिले में कम से कम एक क्वीक रिएक्शन टीम (क्यू.आर.टी.) और 2 आम्र्ड रिज़र्व, जिसमें उच्च प्रशिक्षण प्राप्त और पूरी तरह से लैस पुलिस कर्मचारी शामिल हों, तैनात करने का भी प्रस्ताव दिया।
उन्होंने सीपीज़/एसएसपीज़ को यह भी हिदायत की कि वह पुलिस स्टेशन के क्षेत्रों को बीट्स में बाँटने और हरेक बीट क्षेत्र में एक बीट अफ़सर नियुक्त किया जाए, जिससे पुलिस अधिकारी की विशेष क्षेत्रों के लिए जवाबदेही तय की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि उक्त अधिकारी एस.एच.ओज़ को असामाजिक तत्वों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खोलने और उनकी सूची बनाने के निर्देश दें, जिससे उनकी गतिविधियों पर नजऱ रखी जा सके। उन्होंने एस.एच.ओज को बड़े जघन्य अपराधों के मामलों की निजी तौर पर जाँच करने के लिए भी कहा।
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजऱ डीजीपी गौरव यादव ने सीपीज़/एसएसपीज़ को सतर्क रहने और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहने के साथ-साथ सभी संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बरतने के आदेश दिए।
उन्होंने जि़ला पुलिस प्रमुखों को जि़ला स्तर पर मासिक अपराध समीक्षा बैठकें करने और सोमवार की परेड को फिर बहाल करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि लोक-हितैषी पुलिसिंग को सुनिश्चित बनाने के साथ-साथ लोगों के लिए संचार के चैनलों को खुला रखा जाए और यह भी सुनिश्चित बनाया जाए कि किसी भी असामाजिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी संपत्तियों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी प्रेरित किया जाए।
डीजीपी यादव ने समूह पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि वर्दी में गलत काम करने वालों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि कोई भी किसी भी तरह की गलत कार्यवाही में शामिल पाया गया तो उसके साथ सख़्ती से निपटा जाएगा।
डीजीपी ने बुनियादी पुलिसिंग को पुनर्जीवित करने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए सीआरपीसी की धाराओं 107, 109 और 110 के तहत निवारक कार्रवाई करने और पुलिस स्टेशनों के रिकॉर्ड को अपडेट रखने के लिए भी कहा।