Friday, 19 June 2026
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खाली जमीन में पानी भरने से बीमारियां फैलने के खतरे से लोग परेशान

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जीरकपुर, कृतिका:
शहर में बरसाती पानी की निकासी को लेकर लोग बहुत ज्यादा परेशान हैं। प्लाटों में खड़ा पानी बीमारियों को नियौता दे रहा है और प्रसाशन इस बात से बेखर है। हालांकि लोगों द्वारा इसकी बार—बार शिकायत भी की जाती है, लेकिन अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता। जब कोई बीमारी फैल जाती है तो फिर गलती लोगों की निकाल दी जाती है।  (SUBHEAD)
पटियाला रोड़ पर स्थित बादल कालोनी से लोहगढ़ जाने वाले रास्ते में करीब एक दर्जन सोसाइटीयां पड़ती हैं और बरसात के दिनों में यह रास्ता एक नदी का रूप धारण कर लेता है। जिस से लोग बेहद परेशान हैं। इसके इलावा स्थानीय लोगों के लिए एक ओर बड़ी समस्या यह बनी कि यहां यहां डेढ़ एकड़ जमीन गुरद्वारा साहिब की, जो लंबे समय से खाली पड़ी है और इस प्लाट में घुटनों तक पानी रुका हुआ है। जिस कारण यहां इतना मछर पैदा हो गया है और घरों में घुस गया है। पैदा हुए मछरों से लोग बीमार भी हो रहे हैं। पानी की निकासी न होने को लेकर इकठे हुए लोग अशोक ओबराय, मदन गोपाल, उमा शंकर, धर्मपाल, नागेश सेठ, दविंदर सिंह, जगदीश लाल, राजिंदर नाथ गर्ग, कैलाश सहगल, भूपिंदर सिंह, जया, नीलम, प्रोमिला शर्मा, सुनीता गोयल, कृष्णा हरनाम सिंह और प्रतीक आदि ने बताया कि वह हर साल नगर काऊंसिल को इसके खिलाफ शिकायत करतें हैं लेकिन हर बार उन्हें लारे के बिना कुछ नहीं मिलता। इस बार भी उन्होंने काऊंसिल अधिकारियों से शिकायत कि है लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। लोगों ने बताया कि अब तो लोगों ने हमारी गली का नाम भी पानी वाली गली रख दिया है।
लोगों ने बताया कि हमारी सोसाइटी का नाम लोगों ने पानी वाली गली रख दिया है। जिस कारण हमारे घरों की कीमत बहुत कम हो गई है, अब तो रिश्तेदार भी बरसात के दिनों में यहां नहीं आते। लोगों ने बताया कि वे काऊंसिल के साथ साथ गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी को भी बोल चुके हैं कि पंप लगाकर पानी निकल दिया जाए, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। लोगों ने कहा कि बरसात का पानी तो एक दो दिन में निकल जाता है लेकिन गुरद्वारे के प्लाट में खड़ा पानी कई महीनों तक नहीं सूखता और बीमारियों का खतरा बना रहता है।

हमे शिकायत मिली है आज हमारी मशीन कहीं ओर लगी हुई है। यदि मशीन जल्दी फ्री हो गई तो आज ही लगा देंगे नहीं तो कल सबुह पंप लगाकर सारा पानी निकाल दिया जाएगा।
— राजिंदर सिंह, सेनेटीरी इंस्पेक्टवर।

पानी का बहाव इतना तेज था कि गाड़ी की नंबर प्लेट भी टूटी:
बीते कल यहां पानी का बहाव इतना तेज था कि मेरे बेटे की गाड़ी का बंपर और नंबर प्लेट टूट गई। नंबर प्लेट हाई सिक्योरटी है जिसे लगाने के लिए फिर से धक्के खाने पड़ेंगे। पता नहीं कब इन समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
—अशोक ओबराय, प्रेजिडेंट ग्रीन इंकलेव।

पानी इतना होता है कि यदि कोई रिश्तेदार कैब से यहां आता है तो गाड़ी की ऐप में भी पानी वाली गली लिखा आता है। बरसात के दिनों में तो रिश्तेदार भी यहां आना पसंद नहीं करते। बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जाता। हम लोग इस समस्या से परेशान हो गए हैं लेकिन कोई हमारी परेशानी नहीं समझ रहा।
— मदन गोयल, निवासी दशमेश कलोनी।

मैं पिछले 10 सालों से यही समस्या देख रहा हूं प्लाटों में पानी खड़ा रहता है, लोग परेशान होते हैं और अधिकारी चेन की नींद सो रहे होते हैं। हमने यहां घर खरीदा था कि चेन से सो पायंगे, लेकिन हमारे घरों की कीमत कम हो गई है अब तो घर बेच भी नहीं सकते। सरकार व काऊंसिल से हमारी यही आग्रह है कि कम से कम प्लाटों में से तो पानी तो पंप से निकल दो ताकि लोग बीमार न हों।
— धर्मपाल, निवासी ग्रीन इंकलेव।